फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IPL 2025 VIDEO: लीग में धोनी के भविष्य को लेकर भिड़े चार दिग्गज, आकाश-बांगड़ और रैना-आरपी आए आमने-सामने, देखें

Mon, 26 May 2025 10:40 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

माही ने तो पोस्ट मैच शो में कहा कि उनके पास फैसला लेने के लिए चार-पांच महीने का वक्त है और वह शरीर की स्थिति देखकर ही फैसला लेंगे। पर इसने मैदान के बाहर बहस छेड़ दी है। चार पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स धोनी के भविष्य को लेकर एक शो पर भिड़ गए। आइए जानते हैं...
विज्ञापन
रैना, धोनी और आकाश - फोटो : ANI/Star Sports/Jio Hotstar
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईपीएल 2025 में पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स का सफर कुछ खास नहीं रहा। टीम 14 में से 10 मैच हारकर अंक तालिका में आखिरी स्थान पर रही। सीजन के बीच में ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने पर 43 साल के महेंद्र सिंह धोनी को कप्तान बनाने का फैसला भी सीएसके के काम नहीं आया। टीम लगातार हारती चली गई। हालांकि, रविवार को गुजरात टाइटंस पर जीत के साथ सीएसके ने इस अभियान का अंत किया। अब पिछले दो सीजन की तरह इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या धोनी अगले सत्र के लिए वापस लौटेंगे या नहीं? या फिर उन्होंने इस लीग में आखिरी मैच खेल लिया है?
विज्ञापन


हालांकि, माही ने तो पोस्ट मैच शो में कहा कि उनके पास फैसला लेने के लिए चार-पांच महीने का वक्त है और वह शरीर की स्थिति देखकर ही फैसला लेंगे। पर इसने मैदान के बाहर बहस छेड़ दी है। चार पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स धोनी के भविष्य को लेकर एक शो पर भिड़ गए। जहां आकाश चोपड़ा और संजय बांगड़ धोनी के नहीं खेलने पर अड़े हुए थे और कहा कि अब उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए, वहीं आरपी सिंह और सुरेश रैना ने धोनी की वापसी का समर्थन किया और कहा कि उम्र मायने नहीं रखती। धीरे-धीरे ये बहस गंभीर होती चली गई और दोनों की ओर से संबंध में खूब तर्क पेश किए गए। इसका वीडियो भी सामने आया है।



धोनी का इस सीजन में प्रदर्शन
धोनी इस साल बल्लेबाजी में काफी ढीले दिखाई पड़े। वह सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन ज्यादातर मैचों में वह ठीके से फिनिश नहीं कर पाए। यह एक ऐसा रोल है जिससे उन्हें प्यार है और काफी लंबे समय से वह इसे निभाते आ रहे हैं। हालांकि, इस सीजन धोनी से ऊपर जेमी ओवरटन, सैम करन, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे लोअर ऑर्डर के बल्लेबाज बैटिंग के लिए आते दिखे। धोनी ने 14 मैचों में 24.50 की औसत और 135.17 के स्ट्राइक रेट से 196 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 12 चौके और 12 छक्के लगाए। रैना और आरपी का कहना था कि उन्होंने ऐसा बाकी खिलाड़ियों को ढलने और उभरने का मौका देने के लिए किया, वहीं आकाश और बांगड़ ने कहा कि धोनी कि फिटनेस अब वैसी नहीं है जैसी पहले हुआ करती थी और वह ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं रह सकते।

बातचीत के प्रमुख अंश

आकाश चोपड़ा: अगर एमएस धोनी अनकैप्ड भारतीय नहीं होते, तो क्या वह इस साल सीएसके टीम का हिस्सा होते?

सुरेश रैना: निश्चित रूप से होते। वह 18 साल से टीम के साथ हैं। अब भी वह सबसे ज्यादा छक्के लगाते हैं।

आकाश चोपड़ा: मुद्दा यह है कि वह नंबर-7, नंबर-8 या नंबर-9 पर ही बल्लेबाजी क्यों कर रहे हैं। आपकी टीम अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर रही है, समस्याएं शीर्ष क्रम से आ रही हैं। क्या इतने बड़े खिलाड़ी को ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी नहीं करनी चाहिए? ऊपर बल्लेबाजी करने की उनकी इच्छा क्यों नहीं है? वह फिट भी हैं या नहीं?

आरपी सिंह: वह पहले भी ज्यादातर इसी नंबर पर बल्लेबाजी करते थे।

सुरेश रैना: उन्हें लगता है कि वह अंतिम चार ओवरों में अधिक सहज महसूस करते हैं। वह फिट हैं, 44 साल की उम्र में विकेटकीपिंग कर रहे हैं। 

जतिन सप्रू: हमने बीच में सुना था कि उनके घुटने की सर्जरी भी हुई थी। उन्हें इसे भी मैनेज करना पड़ता है। इस वजह से वह ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी नहीं कर रहे हैं।

सुरेश रैना: उन्होंने बीच में इंटरव्यू देते हुए कहा था कि आगामी विश्व कप (टी20) के लिए टीम बनाई जा रही है, इसलिए वह शिवम दुबे जैसे अन्य खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं। यह पिछले साल की बात है।

जतिन सप्रू: रैना आपने कहा कि वह पूरी तरह से फिट हैं, लेकिन क्या इसमें कोई टर्म्स एंड कंडीशंस हैं? अपने हिसाब से वह फिट रहने और मैनेज करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसके चलते वह उतनी बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं?

आरपी सिंह: घुटने की सर्जरी के बाद उन्हें समय लगना तय है। हर खिलाड़ी करता है। 20 ओवर कीपिंग करना आसान काम नहीं है और यह सभी लोग मानते हैं। 20 ओवर कीपिंग कर रहे हैं आप और उठक बैठक लगा रहे हैं आप। इंजरी के बाद सबकुछ मैनेज करना पड़ता है। रैना के घुटने का ऑपरेशन भी हुआ था। उन्होंने कुछ समय तक खुद को संभाला और अंततः ठीक हो गए। धोनी भी रिकवर करेंगे।

सुरेश रैना: अगर छह गेंद पर 16 रन की जरूरत हो और आपके पास विकल्प हों धोनी, आंद्रे रसल, रिंकू सिंह तो आप किसका चयन करोगे? मान लो कि आखिरी 18 गेंद पर 40 रन की जरूरत है, आपकी लिस्ट में एमएस हैं और वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं तो आप किसे चुनोगे?

आकाश चोपड़ा: स्पिनर डाल रहा या तेज गेंदबाज? क्योंकि अगर स्पिनर डाल रहा है तो मैं माही को नहीं चुन पाऊंगा। 

सुरेश रैना: क्यों नहीं चुन पाएंगे?

आकाश चोपड़ा: क्योंकि स्पिनर के सामने उनके आंकड़े उस प्रकार के हैं। 45 प्रतिशत डॉट बॉल्स खेल चुके हैं।

सुरेश रैना: क्रुणाल पांड्या के लास्ट ओवर में धोनी ने तीन छक्के लगाए थे। 
विज्ञापन

संजय बांगड़: ओवरऑल हम जब फिटनेस की बात करते हैं तो विकेटों के बीच दौड़ की ही सिर्फ बात नहीं करते, घुटने की चोट की बात नहीं करते। हम हाथ और आंख के बीच तालमेल की बात करते हैं। अब अगले सत्र में वह 44 साल के हो जाएंगे। 44 साल की उम्र में आईपीएल में जिसे सबसे प्रतिस्पर्धी लीग मानी जाती है, उस उम्र तक खेला नहीं है। जो वह सिक्स मार सकते थे, लेकिन सिक्स मार नहीं पा रहे हैं क्योंकि कहीं न कहीं यह मान लेना चाहिए कि हैंड आई कोर्डिनेशन उम्र के साथ उन्होंने बहुत लंबा खींचा है। (बातचीत के दौरान बांगड़ ने यह भी कहा कि टीम में धोनी की उपस्थिति ऋतुराज गायकवाड़ और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को लीडरशिप रोल में आने की अनुमति नहीं दे रही है।)

सुरेश रैना: अनकैप्ड प्लेयर होने के बावजूद और चोट के बावजूद वह इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बने। अभी जाकर वह और ट्रेनिंग करेंगे, और प्रैक्टिस करेंगे तो फिर से बड़े-बड़े छक्के लगा सकेंगे। इसमें दिक्कत क्या है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें