धोनी का इस सीजन में प्रदर्शन
धोनी इस साल बल्लेबाजी में काफी ढीले दिखाई पड़े। वह सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन ज्यादातर मैचों में वह ठीके से फिनिश नहीं कर पाए। यह एक ऐसा रोल है जिससे उन्हें प्यार है और काफी लंबे समय से वह इसे निभाते आ रहे हैं। हालांकि, इस सीजन धोनी से ऊपर जेमी ओवरटन, सैम करन, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे लोअर ऑर्डर के बल्लेबाज बैटिंग के लिए आते दिखे। धोनी ने 14 मैचों में 24.50 की औसत और 135.17 के स्ट्राइक रेट से 196 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 12 चौके और 12 छक्के लगाए। रैना और आरपी का कहना था कि उन्होंने ऐसा बाकी खिलाड़ियों को ढलने और उभरने का मौका देने के लिए किया, वहीं आकाश और बांगड़ ने कहा कि धोनी कि फिटनेस अब वैसी नहीं है जैसी पहले हुआ करती थी और वह ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं रह सकते।
आकाश चोपड़ा: मुद्दा यह है कि वह नंबर-7, नंबर-8 या नंबर-9 पर ही बल्लेबाजी क्यों कर रहे हैं। आपकी टीम अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर रही है, समस्याएं शीर्ष क्रम से आ रही हैं। क्या इतने बड़े खिलाड़ी को ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी नहीं करनी चाहिए? ऊपर बल्लेबाजी करने की उनकी इच्छा क्यों नहीं है? वह फिट भी हैं या नहीं?
आरपी सिंह: वह पहले भी ज्यादातर इसी नंबर पर बल्लेबाजी करते थे।
सुरेश रैना: उन्हें लगता है कि वह अंतिम चार ओवरों में अधिक सहज महसूस करते हैं। वह फिट हैं, 44 साल की उम्र में विकेटकीपिंग कर रहे हैं।
जतिन सप्रू: रैना आपने कहा कि वह पूरी तरह से फिट हैं, लेकिन क्या इसमें कोई टर्म्स एंड कंडीशंस हैं? अपने हिसाब से वह फिट रहने और मैनेज करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसके चलते वह उतनी बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं?
आरपी सिंह: घुटने की सर्जरी के बाद उन्हें समय लगना तय है। हर खिलाड़ी करता है। 20 ओवर कीपिंग करना आसान काम नहीं है और यह सभी लोग मानते हैं। 20 ओवर कीपिंग कर रहे हैं आप और उठक बैठक लगा रहे हैं आप। इंजरी के बाद सबकुछ मैनेज करना पड़ता है। रैना के घुटने का ऑपरेशन भी हुआ था। उन्होंने कुछ समय तक खुद को संभाला और अंततः ठीक हो गए। धोनी भी रिकवर करेंगे।