क्रिकेट के मैदान को छोड़ डीडीसीए के अंदर चल रहे घपलों के खेल अब सतह पर आने लग गए हैं। एसोसिएशन के पैसे को अपनी कंपनी में स्थानांतरित करने के मामले में कार्यकारिणी ने अपने ही अध्यक्ष एसपी बंसल व सेक्रेटरी जनरल अनिल खन्ना को बरखास्त कर दिया है।
साथ ही सिफारिशी लड़कों को खिलाने के मामले में दिल्ली की अंडर-19 टीम की चयन समिति को भी बरखास्त कर दिया है। इस टीम को बतौर मेंटर संभालने की जिम्मेदारी मदन लाल को सौंपी गई है। वहीं पूर्व टेस्ट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने डीडीसीए में इस मामले केसाथ कुछ अन्य करोड़ों के घपलों की जांच सीबीआई या फिर प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग कर डाली है।
डीडीसीए के उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने बताया कि मामले की जांच को सुनील देव, सलिल सेठ, सिद्धार्थ वर्मा व विनोद गर्ग की अगुवाई वाली कमेटी गठित की गई थी। जांच में पाया गया कि बंसल ने एसोसिएशन के 83 लाख रुपये को एक निजी कंपनी को दे दिया। फिर इस कंपनी ने तकरीबन 73 लाख रुपये उनकी कंपनी को ट्रांसफर कर दिए।
यह घपला है जिसके चलते बंसल और अनिल खन्ना को उनके पदों से बरखास्त किया जाता है। चौहान ने खुलासा किया कि इस निर्णय के खिलाफ बंसल कोर्ट चले गए हैं। अब आगे किस तरह की कार्रवाई की जानी है इसकेलिए उनकी, सीके खन्ना, सुनील देव व रवि मनचंदा की चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। चौहान ने दावा किया कि 24 सदस्यीय कार्यकारिणी में उनके साथ 17 सदस्य हैं।