अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से प्रतिबंध का सामना कर रहे डेविड वॉर्नर ने सिडनी में ग्रेड मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम के अपने पूर्व साथी फिलिप ह्यूज के भाई की ‘पीड़ा पहुंचाने वाली’ छींटाकशी के बाद मैदान छोड़ दिया।
वॉर्नर की पत्नी ने रविवार को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि फिलिप ह्यूज की 2014 में सिर में गेंद लगने से मौत हो गई थी।
गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण में भूमिका के कारण अंतरराष्ट्रीय और राज्य क्रिकेट से 12 महीने के प्रतिबंध का सामना कर रहे ऑस्ट्रेलिया के पूर्व उप कप्तान वार्नर इस घटना के समय अपने क्लब रेंडविक-पीटरशैम की ओर से बल्लेबाजी कर रहे थे।
वॉर्नर जब 35 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब वापस लौट गए लेकिन इसके कुछ देर बाद टीम के अपने साथियों के कहने पर वापस लौटे और 157 रन की आकर्षक पारी खेली। वॉर्नर की पत्नी केंडिस वार्नर ने कहा कि फिलिप के भाई जेसन ह्यूज इस घटना के दोषी थे।
केंडिस ने चैनल नाइन से कहा, ‘देखिए, मैं इसके विस्तार में नहीं जाना चाहती। हालांकि डेविस उसकी टिप्पणी से सकते में था और वे कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गए थे इसलिए उसने खुद को मैच से हटाने का फैसला किया।’
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट ने दावा किया कि इसकी शुरुआत उकसाने से हुई लेकिन जल्द ही निजी टिप्पणी होने लगी जिसके बाद वॉर्नर ने हटने का फैसला किया जिससे कि मामला नहीं बढ़े।
सिडनी डेली टेलीग्राफ ने दावा किया कि ह्यूज ने वार्नर को ‘दागी’ और ‘कमजोर’ करार दिया। इसने दावा किया कि एक चश्मदीद ने इस दौरान सुना कि फिलिप ह्यूज की मौत का सीधा संदर्भ दिया गया।
अब ये घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जहां अधिकांश लोग वॉर्नर के निर्णय से खुश नहीं दिख रहे हैं। एक व्यक्ति ने ट्विटर पर इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, जब अंपायर मैदान में फील्डर्स पर नियंत्रण करने के लिए मौजूद थे लेकिन डेविड मी मी मी वॉर्नर को ऐसा नहीं करना चाहिए चाहिए था।
विरोध के अलावा वॉर्नर को सोशल मीडिया पर समर्थन भी मिला, एक प्रशंसक ने लिखा कि डेविड वॉर्नर ने एक और शतक जड़ा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को इस खिलाड़ी को फिर से टीम में शामिल करना चाहिए।