इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को डकवर्थ लुईस नियम के तहत 221 रन के विशाल अंतर से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट खोकर 355 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 31.4 ओवर में 142 रन ही बना पाई और मैच डकवर्थ लुईस नियम के तहत 221 रन से हार गई। इस मैच में बारिश होने के कारण इंग्लैंड के सामने डकवर्थ लुईस नियम के तहत 364 रन का लक्ष्य था।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेविड वॉर्नर और ट्रेविस हेड की सलामी जोड़ी ने 269 रन की ऐतिहासिक साझेदारी की और एक साथ कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 269 रनों की साझेदारी की और ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे में सबसे बड़ी साझेदारी के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहुंचे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके। कंगारू टीम के लिए वनडे में सबसे बड़ी साझेदारी 2017 में एडिलेड ओवल में पाकिस्तान के खिलाफ 284 रन की हुई थी।
यह वनडे क्रिकेट के इतिहास में नौवीं सबसे बड़ी साझेदारी थी। इसके साथ ही 41 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। मेलबर्न में यह सबसे बड़ी सलामी साझेदारी थी। इससे पहले 1981 में वेस्टइंडीज के गॉर्डन ग्रीनिज और डेसमंड हेन्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 182 रन की साझेदारी की थी।
इस मैच में डेविड वॉर्नर और ट्रेविस हेड ने मेलबर्न में सबसे बड़ी साझेदारी की। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग और एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने 252 रन की साझेदारी की थी। यह जोड़ी अब भारत के सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के खास क्लब में शामिल हो गई है, जिन्होंने वनडे क्रिकेट में दो बार 250 रन से ज्यादा की साझेदारी की हैं।
इस मैच में डेविड वॉर्नर 39वें ओवर में 106 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने 1043 दिन बाद शतकीय पारी खेली। इसके तीन गेंद बाद ही हेड भी 152 रन के स्कोर पर आउट हो गए। यह उनके वनडे करियर की सबसे बड़ी पारी थी।