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CWC 2025: प्रतिका रावल को मिले मेडल... जय शाह ने बदला ICC का नियम! फाइनल से पहले चोटिल होकर हुईं थीं बाहर

Fri, 07 Nov 2025 04:55 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय टीम की स्टार ओपनर प्रतिका रावल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह की वजह से महिला विश्व कप खिताब जीत का मेडल मिल गया है।
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प्रतिका रावल-मजूमदार - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारतीय टीम की स्टार ओपनर प्रतिका रावल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह की वजह से महिला विश्व कप खिताब जीत का मेडल मिल गया है। रविवार (2 नवंबर) को भारतीय महिला टीम ने महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था। प्रतिका इस टूर्नामेंट में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वालीं दूसरी बल्लेबाज थीं।
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चोटिल होकर हो गईं थीं बाहर
महिला विश्व कप 2025 में प्रतिका ने छह पारियों में 308 रन बनाए। शुरुआती मैचों में उनकी पारियों ने टीम को मजबूती दी और सेमीफाइनल तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, बांग्लादेश के खिलाफ भारत के आखिरी लीग मैच में प्रतिका को टखने में गंभीर चोट लगी, जिसके चलते उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। टीम प्रबंधन ने उनकी जगह शेफाली वर्मा को 15 सदस्यीय स्क्वॉड में शामिल किया। 

क्यों नहीं मिला मेडल?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, विजेता पदक केवल उसी समय की आधिकारिक 15 सदस्यीय टीम के खिलाड़ियों को दिए जाते हैं, जो फाइनल खेलने के समय स्क्वॉड में होते है। प्रतिका शुरू में टीम का हिस्सा थीं, लेकिन चोट के बाद जब शेफाली को रिप्लेसमेंट के रूप में शामिल किया गया, तो तकनीकी रूप से प्रतिका टीम की सूची से बाहर हो गईं। शेफाली ने फाइनल में शानदार 87 रन की पारी खेलकर भारत की जीत की नींव रखी और प्लेयर ऑफ द मैच बनीं। उन्हें और बाकी खिलाड़ियों को विजेता पदक मिले लेकिन प्रतिका को नहीं।
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जय शाह ने की प्रतिका के लिए मेडल की व्यवस्था
अब प्रतिका को मेडल मिल गया है। गुरुवार को जब वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए पहुंचीं थीं, तब उन्होंने मेडल पहन रखा था। प्रतिका ने सीएनएन न्यूज 18 से कहा, जय शाह ने हमारे मैनेजर को मैसेज किया कि मैं प्रतीका के लिए पदक जीतने की व्यवस्था करना चाहता हूं। तो, अब मेरे पास मेरा अपना पदक है। जब मैंने पहली बार उसे (सपोर्ट स्टाफ द्वारा दिया गया पदक) खोला और उसकी तरफ देखा, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं ज्यादा रोने वाली इंसान नहीं हूं, लेकिन वो एहसास सच्चा था, हमारे साथ जुड़ने का वो एहसास।'
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