अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अब तक इस टूर्नामेंट के कार्यक्रम का एलान नहीं किया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पहले ही भारतीय टीम को पाकिस्तान की यात्रा पर भेजने से इनकार कर चुका है। वहीं, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) भी अब तक हाइब्रिड मॉडल के लिए राजी नहीं हुआ है। इस गतिरोध के बीच आईसीसी ने शुक्रवार को सभी बोर्ड की बैठक बुलाई है, जिसमें चैंपियंस ट्रॉफी के कार्यक्रम और वेन्यू पर चर्चा होनी है। यह पहला मौका नहीं है जब किसी देश ने दूसरे देश में जाकर आईसीसी टूर्नामेंट खेलने से इनकार किया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज समेत कई टीमें ऐसा कर चुकी हैं। आइये जानते हैं कि पहले कब-कब ऐसा हुआ है।
वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया ने किया था खेलने से इनकार
1996 विश्व कप की मेजबानी भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका के पास थी। इसमें श्रीलंका को ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और केन्या के खिलाफ चार ग्रुप स्टेज मैचों की मेजबानी करनी थी। लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ 14 दिन पहले कोलंबो में बम धमाके की घटना ने 90 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। वहीं, 1400 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया ने खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए श्रीलंका में मैच खेलने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा दोनों देशों ने मैच के लिए पूरे अंक दिए जाने की भी मांग की थी।
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड भी ले चुके चौंकाने वाला फैसला
2003 विश्व कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या के पास थी। इस बार इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे के हरारे में जाकर खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में श्रीलंका को नुकसान झेलना पड़ा। आईसीसी ने जिम्बाब्वे को बिना किसी बहस के पूरे अंक दे दिए थे। इसी टूर्नामेंट में इंग्लैंड के अलावा न्यूजीलैंड ने भी केन्या के नैरोबी में जाकर खेलने से इनकार कर दिया था। उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मना किया था। आईसीसी ने इस मैच के अंक केन्या को दे दिए थे।
वेस्टइंडीज ने किया था मना
1982 में महिला विश्व कप में वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड का दौरा करने से इनकार कर दिया था। टीम ने पूरे टूर्नामेंट से अपना नाम वापस लिया था। इसके पीछे रंगभेद का मामला था। दरअसल, 1981 में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका की रग्बी टीम को आमंत्रित किया था। तब दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ संघर्ष चल रहा था। दक्षिण अफ्रीका को अपने यहां खेलने के लिए आमंत्रित करना वेस्टइंडीज को रास नहीं आया और उन्होंने महिला विश्व कप में अपनी टीम को न्यूजीलैंड भेजने से मना कर दिया था।
जिम्बाब्वे ने वापस लिया नाम
2009 टी20 विश्व की मेजबानी इंग्लैंड कर रहा था। जिम्बाब्वे ने इंग्लैंड की सरकार पर वीजा नहीं देने का आरोप लगाते हुए टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था। इसके अलावा 2022 में वेस्टइंडीज की मेजबानी में हुए अंडर-19 विश्व कप के दौरान न्यूजीलैंड ने खेलने से इनकार करते हुए, अपना नाम वापस ले लिया था। इसके पीछे बोर्ड की तरफ से कोरोना महामारी के लिए लागू नियमों का हवाला दिया था।