बापू नाडकर्णी और रमाकांत देसाई ने जब धुर्वा में दोस्ताना वन-डे मैच खेला था तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि 40 बरस बाद इसी मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच वन-डे मैच खेला जाएगा। नरेंद्र तामेने के साथ नाडकर्णी और देसाई ने सत्तर के दशक में इस मैदान पर दोस्ताना मैच खेला था। यह जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिसर से महज दो किलोमीटर की दूरी पर है।
जेएससीए अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने कहा कि तीन साल में बने इस स्टेडियम की आईसीसी प्रतिनिधि डेविड बून ने भी जमकर तारीफ की। तीन साल पहले तक उजाड़ रही इस 27 एकड़ भूमि पर स्टेडियम का निर्माण कार्य 19 जून 2009 को शुरू हुआ।