दरअसल, दक्षिण अफ्रीकी सरकार अपने देश की क्रिकेट संस्था में कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की जांच करना चाहती है, जिसके बाद क्रिकेट गतिविधियां का नियंत्रण खेल परिसंघ और ओलंपिक समिति को लेने को कह दिया। इसका मतलब है कि अब सीएसए में दैनिक कार्यों का संचालन करने के लिए कोई नहीं होगा।
सीएसए के पूर्व सीईओ थबांग मुनरो को पिछले महीने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाली रिपोर्ट के बाद पद से हटा दिया गया था। कार्यवाहक सीईओ जॉक फॉल और अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने पिछले महीने त्यागपत्र दे दिया था। फॉल की जगह कुगेंड्री गवेंडर ने ली थी।
देश के चोटी के खिलाड़ियों ने भी पांच सितंबर को होने वाली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) टालने के लिए सीएसए की आलोचना की थी। सीएसए को अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है क्योंकि ओलंपिक समिति की कार्रवाई सरकारी हस्तक्षेप माना जा सकता है।