क्रिकेट को पागलपन की हद तक चाहने वाले देश में इस खेल के एकमात्र सरकारी कोचिंग डिप्लोमा को बंद करने की नौबत आन पड़ी है। जी हां यह सच्चाई है कि साई की ओर से एनआईएस पटियाला और एनआईएस कोलकाता में चलाए जा रहे क्रिकेट के कोचिंग डिप्लोमा को 2020-21 सत्र में बंद करने की तैयारी कर ली गई है।
इसके पीछे तर्क दिया गया है कि एडमीशन के प्रति निराशाजनक प्रतिक्रिया और प्राथमिकता में नहीं होने के चलते क्रिकेट के डिप्लोमा को इस सत्र में बंद किए जाने का प्रस्ताव रखा जा रहा है। सिर्फ क्रिकेट ही नहीं देश के एक अन्य लोकप्रिय खेल लॉन टेनिस के डिप्लोमा को भी इस सत्र में बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है।
देश को कपिल देव, चेतन शर्मा, अशोक मल्होत्रा, मनिंदर सिंह जैसे क्रिकेटर देने वाले दिग्गज द्रोणाचार्य अवार्डी कोच देशप्रेम आजाद, गुरचरण सिंह के अलावा सुनीता शर्मा, शूटे बनर्जी जैसे जाने माने कोचेज ने एनआईएस डिप्लोमा हासिल कर बुलंदिया हासिल कीं। क्रिकेट कोचेज को मिलनी वाली सरकारी नौकरियों में भी यही डिप्लोमा मान्य है।
बीसीसीआई के कोर्सेज के आगे फीका पड़ा डिप्लोमा
दरअसल, बीसीसीआई लेवल स्तर के कोचिंग कोर्स कराती है। इन कोर्स के आगे एनआईएस के डिप्लोमा की चमक फीकी पड़ी है। फिर खेल मंत्रालय की ओर से भी क्रिकेट अब प्राथमिकता सूची में नहीं रह गया है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में रणजी ट्राफी क्रिकेटर, इंटरयूनिवर्सिटी खेलने वाले यहां से डिप्लोमा करते हैं।
हालांकि. साई की इस बात में भी दम नहीं है कि क्रिकेट के प्रति बेहद खराब प्रतिक्रिया रही है। एनआईएस पटियाला, कोलकाता में क्रिकेट की कोचिंग की 16-16 सीटें हैं। इस वक्त पटियाला में 13 क्रिकेटर डिप्लोमा कर रहे हैं, जबकि कोलकाता में चार ट्रेनी हैं।
कोलकाता की खराब संख्या को आधार बनाकर पटियाला में भी डिप्लोमा को इस सत्र के बलि चढ़ाया जा रहा है। वहीं पटियाला में फेसिंग में 12 के मुकाबले चार और योग में 20 के मुकाबले 14 ही ट्रेनी हैं। फिर भी इनसे छेड़छाड़ नहीं की गई।