भारतीय विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) के रास्ते अलग हो गए हैं। साहा ने त्रिपुरा टीम में शामिल होने के लिए सीएबी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) ले लिया है। शनिवार (2 जुलाई) को पहले सीएबी ने अनुभवी विकेटकीपर को एनओसी जारी करने की पुष्टि कर दी। बाद में त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें टीम से जोड़ने की जानकारी दी।
टीम इंडिया से बाहर चल रहे साहा त्रिपुरा की टीम खिलाड़ी के साथ-साथ मेंटर की भूमिका में भी नजर आएंगे। कैब ने एक बयान में कहा, "ऋद्धिमान साहा कैब में आए और अध्यक्ष अभिषेक डालमिया को एक आवेदन दिया, जिसमें उन्होंने एसोसिएशन से एनओसी की मांग की। कैब ने साहा के अनुरोध पर उन्हें दूसरे राज्य के लिए खेलने के लिए एनओसी दे दी। कैब ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।"
साहा और कैब के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। खासकर जब एसोसिएशन के संयुक्त सचिव देवव्रत दास ने सार्वजनिक रूप से राज्य क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया था। साहा ने अपनी निराशा भी जाहिर की थी। उन्होंने पिछले महीने एक इंटरव्यू में कहा था, "मेरे लिए यह बहुत दुखद अहसास है कि बंगाल के लिए इतने लंबे समय तक खेलने के बाद मुझे कुछ इस तरह से गुजरना पड़ रहा है।"
दूसरी ओर, त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिसएशन ने कहा कि वह टीम के मेंटर और कप्तान होंगे। त्रिपुरा के मौजूदा कोच भारत के पूर्व विकेटकीपर समीर दिघे हैं। बंगाल से विवाद के बाद साहा के कई क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ने की चर्चाएं हुईं, लेकिन उन्होंने त्रिपुरा को चुना। गुजरात टाइटंस से आईपीएल में खेलने के बाद गुजरात और बड़ौदा से जुड़ने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, दोनों एसोसिएशन ने इन खबरों को खारिज किया था।
37 साल के साहा को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया। साहा को इस बात की सूचना दे दी गई थी कि अब आगे उन्हें नहीं चुना जाएगा। साहा ने भारतीय टीम के लिए 40 टेस्ट खेले। इस दौरान 29.41 की औसत से 1353 रन बनाए। वहीं, बंगाल के लिए 15 साल में 122 प्रथम श्रेणी मैच में उन्होंने 6423 रन बनाए। उनका औसत 41.98 का रहा। उन्होंने 13 शतक और 38 अर्धशतक लगाए हैं।