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IPL रद्द होने पर हो सकता है करीब 10000 करोड़ रुपये का नुकसान, BCCI के पास टालना ही बेहतर विकल्प

Sun, 15 Mar 2020 10:20 AM IST
Rajeev Rai राजीव राय, अमर उजाला

सार

  • आईपीएल के 13वें संस्करण की तारीखों को आगे बढ़ाया गया
  • 29 मार्च की जगह अब 15 अप्रैल से होगा टूर्नामेंट
  • कोरोना की वजह से BCCI ने टूर्नामेंट को टालने का लिया फैसला
  • आईपीएल की वजह से हजारों करोड़ रुपये हैं दांव पर
  • रद्द होने पर रोजगार पर भी पड़ेगा असर
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आईपीएल - फोटो : IPL twitter
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विस्तार
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भारतीय क्रिकेट बोर्ड 'बीसीसीआई' के पास मौजूदा स्थिति को देखते हुए आईपीएल को स्थगित करना ही सबसे बड़ा और बेहतर विकल्प था। क्योंकि अगर पूरे टूर्नामेंट को रद्द किया जाता तो प्रसारकों और फ्रैंचाइजियों को मिलाकर कम से कम 3000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता था। इस बात का अंदाजा सभी को था और यही कारण है कि कुछ फ्रैंचाइजियों के मालिक खाली स्टेडियम में मैच करवाने के लिए भी राजी हो गए थे। उनके मुताबिक स्टेडियम में सिर्फ एक प्रतिशत लोग ही मैच देखते हैं और उससे नुकसान तो होता लेकिन उतना अधिक नहीं। 

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BCCI ने आगे बढ़ाया IPL का आयोजन

आईपीएल 2020 - फोटो : ट्विटर
कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार द्वारा कई दिशानिर्देश जारी किए गए हैं और साथ ही कई तरह के कदम भी उठाए गए। इन सबके बाद बीसीसीआई के पास टूर्नामेंट को कुछ दिनों के लिए स्थगित करने के अलावा कोई अन्य विकल्प मौजूद नहीं था।
 

इसी को देखते हुए बीसीसीआई ने शुक्रवार को काफी सोच-विचार के बाद आईपीएल के 13वें संस्करण को दो हफ्ते के लिए टालने का फैसला किया और टूर्नामेंट को 29 मार्च की जगह 15 अप्रैल से करवाने के लिए तैयार हुई।

फ्रैंचाइजियों के साथ होगी BCCI की अहम बैठक

आईपीएल 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि अभी भी बोर्ड के सामने फ्रैंचाइजियों और प्रसारकों के कई तरह के सवाल हैं, जिसे लेकर सोमवार को एक अहम बैठक भी होनी है। इस बैठक में आयोजन स्थल, विदेशी खिलाड़ियों के खेलने और टूर्नामेंट की नई तारीखों समेत खाली मैदान में खेलने के मुद्दों पर चर्चा होने के आसार हैं। वहीं इससे पहले शनिवार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल भी आपस में एक महत्वपूर्ण बैठक करेगी और कुछ मामलों पर चर्चा करेगी।
 

कोरोना को महामारी घोषित कर चुकी है WHO

WHO Advisory about Corona Virus - फोटो : Amar Ujala
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद दुनियाभर की खेल प्रतियोगिताओं पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। दुनियाभर में 5000 से अधिक मौतों और सवा लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की वजह से हर तरफ यात्रा पाबंदियों से लेकर कई तरह की सावधानियां भी बरती जा रही हैं। लोगों के भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने और हाथ ना मिलाने जैसी हिदायतें भी दी जा रही हैं।

स्वास्थ और सुरक्षा की दृष्टि से फुटबॉल, बैडमिंटन, क्रिकेट समेत विभिन्न खेलों के कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

बीसीसीआई ने इस मामले में फैसला लेने में थोड़ा समय अधिक ले लिया और बोर्ड ने आखिरी तक टूर्नामेंट को करवाने की अपनी कोशिशें जारी रखी। लेकिन खेल मंत्रालय द्वारा सख्त हिदायत और देशभर से उठ रह विरोध को देखते हुए उसे ना चाहते हुए भी तारीखों को आगे बढ़ाना पड़ा।

हजारों करोड़ का नुकसान

आईपीएल 2019 - फोटो : पीटीआई
लेकिन बीसीसीआई के सामने स्वास्थ, सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक स्तर की भी चिंता थी। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग के रद्द होने पर कई हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। इतना ही नहीं टूर्नामेंट के रद्द होने पर हजारों नौकरियां भी दांव पर लगेंगी। इन सब कारणों को देखते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी कहा कि फिलहाल के लिए आईपीएल को टाल रहे हैं।
 

रिपोर्ट्स की मानें तो आठ अलग-अलग फ्रैंचाइजियों को जहां 300-400 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ता, वहीं प्रसारकों, आयोजकों, स्पांसर को भी हजारों करोड़ रुपये का भारी नुकसान होता। बात करें भारतीय बोर्ड की तो सिर्फ बीसीसीआई को ही इससे कम से कम 3500 करोड़ रुपये का नुकसान होता। 

इसके अलावा अलग-अलग शहरों में होने वाले आयोजन की वजह से यात्रा, होटल, ट्रांसपोर्ट जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार को भी भार नुकसान होगा। अप्रत्यक्ष तौर पर हजारों की संख्या में नौकरियों पर भी खतरा मंडराएगा। अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक कुल मिलाकर भारत की इस चर्चित टी-20 लीग के रद्द होने की सूरत में करीब दस हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। 
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रद्द होने से बेहतर विकल्प टालना

रिजिजू/बीसीसीआई - फोटो : अमर उजाला
फिलहाल इन सभी बातों पर विराम लग गया है और बीसीसीआई ने अपने सबसे अच्छे विकल्प को ही चुना है लेकिन अभी भी टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर आखिरी फैसला आना बाकी है क्योंकि अगर 21 अप्रैल के डेडलाइन पर आयोजन शुरू नहीं होता है तो रिपोर्ट्स के अनुसार पूरे टूर्नामेंट को अगले साल तक के लिए टाला जा सकता है।
 

बता दें कि आईपीएल के 12 साल के इतिहास में टूर्नामेंट को देश के बाहर आयोजित किया गया है लेकिन अब तक कभी भी इसे रद्द नहीं किया है, और इस बात को सरकार भी समझती है, शायद यही कारण है कि खेल मंत्रालय ने बीसीसीआई को खाली स्टेडियम में सावधनी बरतते हुए आयोजन करवाने का विकल्प दिया था।  
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