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कोरोना के चलते बदल सकता है क्रिकेट का बड़ा नियम, अब थूक से नहीं चमका पाएंगे गेंद

Fri, 24 Apr 2020 05:14 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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क्रिकेट की गेंद - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना वायरस महामारी के खत्म होने के बाद जब क्रिकेट की मैदान पर वापसी होगी, तो गेंदबाज गेंद को अपनी लार से चमका नहीं पाएंगे। 'ईएसपीएन क्रिकइन्फो' की रिपोर्ट के अनुसार प्रशासक अंपायरों की निगरानी में गेंद को चमकाने के लिए कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति देने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि यह खेल के नियमों के तहत गेंद से छेड़खानी के दायरे में आता है।  

इसे इस तरह से भी कह सकते हैं कि क्रिकेट में बॉल टैम्परिंग को अब लीगल किया जा सकता है। क्रिकेट में गेंद को चमकाने के लिए गेंदबाज थूक (सलाइवा) का इस्तेमाल करते थे, लेकिन कोविड-19 महामारी के बाद जब क्रिकेट शुरू होगा, तो इसको लेकर आईसीसी को कुछ फैसला लेना ही होगा।
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cricket ball
टेस्ट क्रिकेट में गेंद की चमक काफी अहम होती है, क्योंकि इससे गेंदबाजों को स्विंग और रिवर्स स्विंग कराने में मदद मिलती है। अगर इस विकल्प को मंजूरी मिल जाती है, तो यह बड़ी विडंबना होगी क्योंकि गेंद पर रेगमाल रगड़ने की कोशिश में ही स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर को 2018 में एक साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था।
 
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kookabara ball
हालांकि आईसीसी के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने कहा कि गेंद पर लार लगाने से रोका जा सकता है। आईसीसी की मेडिकल कमेटी ने कहा था कि लार से गेंद को चमकाना खतरनाक साबित हो सकता है। क्रिकेट शुरू होने से पहले इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद खेल की सभी गतिविधियां रुक गई हैं।

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ICC - फोटो : social Media
आईसीसी मुख्य कार्यकारियों की गुरुवार को हुई ऑनलाइन बैठक के बाद इसकी चिकित्सा समिति के प्रमुख पीटर हारकोर्ड ने अपडेट जारी किया। इसमें कहा गया कि हमारा अगला कदम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली का रोडमैप तैयार करना है। इसमें ये देखना होगा कि क्या-क्या कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि इसमें खिलाड़ियों की तैयारी से लेकर सरकार की पाबंदिया और दिशा निर्देश शामिल होंगे।
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जोश हेजलवुड - फोटो : ESPN
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने गेंद पर थूक का इस्तेमाल नहीं करने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि खेल बहाल होने पर कुछ समय के लिए सिर्फ पसीने का ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने हाल ही में कहा था कि अगर गेंदबाजों के पास गेंद को स्विंग कराने के लिए पर्याप्त साधन नहीं होंगे, तो टेस्ट क्रिकेट कठिन हो जाएगा। हेजलवुड ने कहा कि मुझे लगता है कि सफेद गेंद ठीक रहेगी, लेकिन टेस्ट क्रिकेट बहुत कठिन होगा। गेंदबाज हवा में गेंद को स्विंग कराने पर भरोसा करते हैं। यदि आप 80 ओवर तक गेंद को बनाए नहीं रखते हैं, तो बल्लेबाजी करना काफी आसान हो जाएगा।
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