सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट चैनलों को जारी परामर्श में पंत की कार दुर्घटना, शवों की व्यथित करने वाली तस्वीरों के प्रसारण और पांच साल के बच्चे की पिटाई के कवरेज का हवाला दिया और कहा कि इस तरह की रिपोर्टिंग ठीक नहीं है। सरकार ने कहा- टेलीविजन चैनलों ने व्यक्तियों के शवों और आसपास खून के छींटे, घायल व्यक्तियों के चित्र/वीडियो दिखाए हैं। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित लोगों को बेरहमी से पीटे जाने के शॉट्स करीब से दिखाए हैं।
सरकार ने कहा- एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटने का और उसके लगातार रोने और चीखने के शॉट्स को लंबे समय तक दिखाया गया, जो कि गलत और भयावह है। इस दौरान शॉट्स को न ही धुंधला किया गया और न ही किसी प्रकार की सावधानी बरती गई। यह भी कहा गया है कि प्रसारकों ने सोशल मीडिया से वीडियो क्लिप और तस्वीरें ली हैं। साथ ही इन क्लिप्स को प्रोग्राम कोड का पालन करते हुए नहीं दिखाया गया।
मंत्रालय ने टेलीविजन चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम के तहत निर्धारित प्रोग्राम कोड के अनुरूप अपराध, दुर्घटनाओं और हिंसा की घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए अपने सिस्टम में बदलाव लाने और उसे मजबूत करने की सलाह दी है।