आखिरकार 14 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद दिल्ली के पूर्व कप्तान अजय शर्मा को जिला न्यायालय ने मैच फिक्सिंग के आरोप से बरी कर दिया है।
अजय शर्मा पर फिक्सिंग के आरोप के चलते बीसीसीआई ने आजीवन प्रतिबंध लगा रखा था।
कोर्ट के फैसले से राहत महसूस कर रहे 50 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने कहा, "पिछले 14 साल मेरी जिंदगी का मुश्किल दौर रहा। यह किसी के लिए भी काफी मुश्किल होता लेकिन अब कोर्ट ने मुझे पाक साफ कर दिया है तो मैं एक बार फिर से अपनी जिंदगी का सार्थक अध्याय शुरू करने के लिए तैयार हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरे ऊपर लगे सभी कलंक अब धुल जाएंगे।"
दिल्ली की ओर से 129 प्रथम श्रेणी मैचों में 38 शतकों के साथ 10,120 रन बना चुके इस दिग्गज बल्लेबाज ने आगे कहा, "मेरे मन में किसी के प्रति कोई कड़वाहट नहीं है। कोई खेद नहीं है कि मेरे शानदार प्रथम श्रेणी करियर का इतना बुरा अंत हुआ। अब मैं केवल आगे देखना चाहता हूं। कम से कम अब मैं स्टैंड में बैठकर अपने बेटे मनन को रणजी या किसी और टूर्नामेंट में खेलते हुए तो देख सकता हूं। मैं दिल्ली क्रिकेट में अपना सार्थक योगदान देना चाहता हूं।"
अजय शर्मा भारत की ओर से भी एक टेस्ट और 31 वनडे खेल चुके हैं। वह हीरो कप विजेता टीम के सदस्य रहे हैं। कोर्ट ने ऑर्डर में कहा है कि बीसीसीआई अजय शर्मा का बकाया भुगतान करे और उन्हें अपनी मासिक पेंशन योजना में भी शामिल करे।