गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 38 शतक लगाए हैं, लेकिन उन्हें यह संख्या पसंद नहीं है। गांगुली को अपने क्रिकेट करियर के दौरान कई शतक चूकने का अफसोस है।
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को अपने क्रिकेटिंग करियर के दौरान दो चीजों का बड़ा अफसोस है। इस बात का खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू दौरान किया है। उन्होंने कहा है कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में और शतक लगा सकते थे। साथ ही उन्होंने अनिल कुंबले को कुछ मौकों पर टीम से ड्रॉप करने को लेकर भी अफसोस जताया है।
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सौरव गांगुली
- फोटो : PTI
गांगुली को है शतक चूकने का अफसोस
गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 38 शतक लगाए हैं, लेकिन उन्हें यह संख्या पसंद नहीं है। गांगुली को अपने क्रिकेट करियर के दौरान कई शतक चूकने का अफसोस है। अपने समय के बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज रहे गांगुली ने टेस्ट और वनडे में कुल मिलाकर 18575 रन बनाए। उन्होंने 311 वनडे और 113 टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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सौरव गांगुली
- फोटो : इंस्टाग्राम @souravganguly
'मैंने कई बार 80-90 रन बनाए...'
गांगुली ने यह अफसोस तब व्यक्त किया जब उनसे पूछा गया कि वह पुराने गांगुली को क्या सलाह देना चाहेंगे। इस पर उन्होंने कहा, 'मैं कई बार शतक लगाने से चूक गया> मुझे और अधिक रन बनाने चाहिए थे। मैंने कई बार 90 और 80 रन बनाए।' गांगुली 30 बार 80 या 90 रन की संख्या पार करने के बाद आउट हुए। अगर वह इन पारियों को भी शतक में बदलने में सफल रहते तो उनके नाम पर 50 से अधिक शतक दर्ज होते।
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सौरव गांगुली
- फोटो : IPL
गांगुली को अपनी पारियां देखना पसंद
गांगुली जब अकेले होते हैं तो उन्हें अपनी पुरानी पारियां देखना पसंद है। इससे उन्हें यह याद आता है कि वह और अधिक शतक बनाने के कितने करीब थे। उन्होंने कहा, 'जब मैं अकेला होता हूं तो मैं अपनी बल्लेबाजी के वीडियो देखना पसंद करता हूं। जब मेरी पत्नी घर में नहीं होती है क्योंकि सना लंदन में रहती है, तो मैं अपने मैचों का वीडियो देखता हूं। मैं यूट्यूब पर जाता हूं और पारियां देखता हूं और खुद से कहता हूं अरे फिर 70 रन पर आउट हो गया। मुझे शतक बनाना चाहिए था, लेकिन अब आप इसे बदल नहीं सकते।'
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गांगुली और कुंबले
- फोटो : BCCI
कुंबले को ड्रॉप करने का भी गांगुली को अफसोस
गांगुली ने वनडे में 72 और टेस्ट क्रिकेट में 35 अर्धशतक लगाए। गांगुली ने दुनिया के महानतम लेग स्पिनरों में से एक अनिल कुंबले को टीम से बाहर किए जाने पर भी अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि एक कप्तान के तौर पर कभी-कभी मुश्किल फैसले लेना जरूरी हो जाता है। आपको किसी खिलाड़ी को बाहर करके उस खिलाड़ी को शामिल करना पड़ता है जो आपको लगता है कि परिस्थितियों या टीम की जरूरत के हिसाब से अधिक बेहतर है। गांगुली ने कहा, 'अनिल कुंबले को कुछ बार मौका नहीं मिला, क्योंकि वह बहुत अच्छे खिलाड़ी थे।'
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मैकग्रा
- फोटो : Twitter
मैकग्रा को सबसे खतरनाक गेंदबाज मानते हैं गांगुली
ऑस्ट्रेलिया गांगुली की सबसे पसंदीदा प्रतिद्वंद्वी टीम है और उनके लिए ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा सबसे खतरनाक गेंदबाज हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या आईसीसी को दुनिया भर में टी20 लीग के प्रसार पर विचार करना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को उच्च-भुगतान वाले टी20 टूर्नामेंट में खेलने के लिए प्रेरित किया जा सके? गांगुली ने कहा कि शायद इसे बदलना मुश्किल है।
पूरन और क्लासेन के संन्यास पर गांगुली हैरान
निकोलस पूरन और हेनरिक क्लासेन ने हाल ही में कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया और गांगुली हैरान थे। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि आप टेस्ट खेलने वाले देशों को अपनी लीग बनाने से कैसे रोक सकते हैं।' गांगुली ने खुलासा किया कि 2026 के अंत तक उनकी बायोपिक रिलीज होगी और राजकुमार राव नायक होंगे। उन्होंने कहा, 'शूटिंग जनवरी में शुरू होगी, प्री-प्रोडक्शन, स्क्रिप्टिंग और कहानी लिखने में बहुत समय लगता है, शूटिंग में ज्यादा समय नहीं लगता है।'