रवि शास्त्री और संजय बांगर
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समझा जाता है कि धोनी को नीचे भेजने का फैसला बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ का था। यह भी पूछा जाएगा कि सहायक कोच के इस फैसले का मुख्य कोच ने विरोध क्यों नहीं किया। धोनी जैसे अनुभवी बल्लेबाज को निचले क्रम में भेजा, जबकि युवा ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को नॉकआउट मुकाबले में उन पर वरीयता दी गई। यह वही धोनी हैं जो 2011 विश्व कप के फाइनल में अपने आपको बल्लेबाजी क्रम में अपने को फॉर्म में चल रहे युवराज से ऊपर लेकर आए थे और विश्व कप जिताया था।
रायडू पर देने होंगे चयन समिति को जवाब
माना जा रहा है कि समीक्षा के दौरान सबसे बड़ा मामला अंबाती रायडू का चयन न करने का उठेगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज तक उनका नंबर चार पर चयन तय था। फिर उनको नजरंदाज क्यों कर दिया गया। चयनकर्ताओं से यह भी जवाब मांगा जाएगा कि विश्व कप को ध्यान में रखते हुए स्थापित मध्यक्रम क्यों नहीं दिया गया। मौजूदा चयन समिति बीसीसीआई की आमसभा की बैठक तक बनी रहेगी। ऐसे में प्रसाद को चयन बैठकों में अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी जा सकती है। बताया जाता है कि मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद को शरणदीप सिंह और देबांग गांधी से चयन को लेकर खास इनपुट नहीं मिल रहे थे। प्रसाद को थोड़ी राहत गगन खोड़ा और जतिन परांजपे के आने के बाद मिली है।