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'सपने जैसा लगा': रणजी ट्रॉफी मैच में 400 रन बनाते ही भावुक हुए चिन्मय सुतार, सबसे पहले पिता को किया फोन

Mon, 19 Oct 2026 11:09 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मुकाबले में नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक पारी के बाद सुतार ने सबसे पहले अपने पिता राजेश सुतार को फोन किया और इसे सपने के सच होने जैसा पल बताया।
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चिन्मय सुतार - फोटो : Twitter
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विस्तार
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भारतीय घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने इतिहास रच दिया है। रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मुकाबले में नागालैंड के खिलाफ उन्होंने नाबाद 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस उपलब्धि के बाद सुतार भावुक हो गए और दिन का खेल खत्म होने के बाद सबसे पहले अपने पिता राजेश सुतार को फोन किया। उन्होंने इस पल को किसी सपने के सच होने जैसा बताया। चिन्मय सुतार भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रन का आंकड़ा पार किया है। उनसे पहले बीबी निंबालकर ने नाबाद 443 रन की पारी खेली थी। सुतार की इस उपलब्धि ने घरेलू क्रिकेट में एक नया इतिहास दर्ज किया है।
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पिता को सबसे पहले किया फोन
  • ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद चिन्मय सुतार ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि 400 रन बनाना उनके लिए सपने जैसा था। उन्होंने बताया कि दिन का खेल समाप्त होने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने पिता को फोन किया, क्योंकि वह इस बड़ी उपलब्धि की खुशी उनके साथ साझा करना चाहते थे।
  • सुतार के पिता राजेश सुतार भी मुंबई के लिए सात प्रथम श्रेणी मुकाबले खेल चुके हैं। चिन्मय ने बताया कि उनके पिता ने शुरुआती दिनों से ही उनका साथ दिया और मुश्किल समय में हौसला बढ़ाया।
  • उन्होंने कहा, 'जब भी मुझे खेलने का मौका नहीं मिला, मेरे पिता मेरे साथ खड़े रहे। उन्होंने मुझे मजबूत बने रहने और अपनी क्षमता पर भरोसा करने की सलाह दी। इसलिए जब मेरे करियर में इतना बड़ा पल आया, तो मुझे लगा कि सबसे पहले उनसे ही बात करनी चाहिए।'

आखिरी विकेट के लिए हुई 189 रन की साझेदारी
चिन्मय सुतार की इस ऐतिहासिक पारी में मिजोरम के साथी बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक का भी अहम योगदान रहा। छकछुआक ने दबाव के बीच शानदार धैर्य दिखाया और 76 गेंदों का सामना करते हुए 14 रन बनाकर नाबाद रहे।दोनों बल्लेबाजों के बीच 10वें विकेट के लिए 189 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने सुतार को अपना व्यक्तिगत स्कोर 400 रन तक पहुंचाने में मदद की। सुतार ने अपने साथी बल्लेबाज की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी घबराहट के बल्लेबाजी की। उनका ध्यान किसी व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर था। उन्होंने बताया कि दोनों बल्लेबाज छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ रहे थे और एक बार में करीब 20 रन जोड़ने पर ध्यान दे रहे थे। इसी रणनीति से मिजोरम की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही।

मिजोरम ने 581 रन पर घोषित की पहली पारी
चिन्मय सुतार के 400 रन पूरे होते ही मिजोरम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 581 रन बनाकर घोषित कर दी। नागालैंड के खिलाफ इस बड़े स्कोर ने मिजोरम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। सुतार ने बताया कि मुंबई की ओर से उन्हें पर्याप्त रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के अवसर नहीं मिल रहे थे। वह लंबे समय से लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते थे। ऐसे में जब उन्हें मिजोरम की ओर से खेलने का मौका मिला, तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने माना कि मुंबई छोड़कर दूसरे राज्य की टीम से खेलने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नियमित अवसर पाने के लिए यह कदम जरूरी था।

मिजोरम क्रिकेट की जमकर की तारीफ
मिजोरम के माहौल और खिलाड़ियों के बारे में बात करते हुए सुतार ने कहा कि यहां के खिलाड़ी सीखने के लिए उत्सुक हैं और काफी मेहनत करते हैं। उन्होंने माना कि मिजोरम में मुंबई जैसे राज्यों की तुलना में मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक नहीं पहुंचते, लेकिन खिलाड़ियों के भीतर प्रदर्शन करने की भूख है। सुतार के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत में क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है और मिजोरम के खिलाड़ियों की मेहनत घरेलू क्रिकेट के भविष्य के लिए अच्छी बात है।
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अब नागालैंड को जल्द आउट करने पर नजर
400 रन की ऐतिहासिक पारी खेलने के बावजूद चिन्मय सुतार का ध्यान अब टीम की जीत पर है। उन्होंने कहा कि मिजोरम ने बड़ा स्कोर बना लिया है और अब गेंदबाजों की जिम्मेदारी है कि वे नागालैंड को जल्द से जल्द आउट करें। सुतार ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी है, इसलिए गेंदबाजों को धैर्य के साथ गेंदबाजी करनी होगी। टीम की कोशिश नागालैंड को कम स्कोर पर समेटकर फॉलोऑन देने की होगी।

उन्होंने तीसरे दिन के सुबह के सत्र को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर मिजोरम के गेंदबाज अच्छी शुरुआत करते हैं, तो टीम मुकाबले में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है। चिन्मय सुतार की 400 रन की पारी सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और परिवार के सहयोग की कहानी भी है। मुंबई में सीमित अवसरों से लेकर मिजोरम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने तक का उनका सफर घरेलू क्रिकेट में मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल बन गया है।
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