ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पैन सोमवार को एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया के हाथों मिली 31 रन की शिकस्त के बाद बिखर गए। 323 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पांचवें दिन अपनी पारी 4 विकेट पर 104 रन से आगे बढ़ाई। कंगारू टीम ने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए, लेकिन उसके पुछल्ले बल्लेबाजों ने लक्ष्य के नजदीक पहुंचाकर मुकाबला बेहद रोमांचक बना दिया।
नाथन लियोन और जोश हेजलवुड ने अंतिम विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी की। पांचवें दिन का खेल तीसरे और अंतिम सत्र में जाता दिख रहा था कि तभी अश्विन की गेंद पर हेजलवुड आउट हुए। मैच के बाद पैन ने कहा, इस हार ने काफी बिखेर दिया। मगर अपने निचलेक्रम पर गर्व है। टीम इंडिया इस मैच को जीतने की हकदार थी। हमें लगा कि जीत सकते हैं, जिसके लिए हमारे बल्लेबाजों को लंबे समय तक खेलने की जरूरत थी।
चेतेश्वर पुजारा ने मिसाल पेश की थी कि एडिलेड की पिच पर कैसे समय बिताकर गेंदबाजों को थकाना है। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में इसकी कोशिश जरूर की, लेकिन यह काफी नहीं रहा। कंगारू कप्तान ने कहा, हमने पिच देखकर आपस में कहा कि लंबे समय तक टिकना है। दुर्भाग्यवश मैं, हेड और मार्श उतने लंबे समय तक बल्लेबाजी नहीं कर सके।
पैन ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और टीम इंडिया में सबसे बड़ा फर्क चेतेश्वर पुजारा रहे। उन्होंने कहा, पुजारा दोनों टीमों में सबसे बड़ा फर्क रहे। उन्होंने हमसे काफी मेहनत कराई। हमें अभी भी विश्वास है कि सीरीज जीत सकते हैं। हमारा सर्वश्रेष्ठ आना शेष है।
बता दें कि टीम इंडिया ने सोमवार को एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 31 रन से हराकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और चेतेश्वर पुजारा के जुझारू शतक की बदौलत पहली पारी में 250 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 235 रन पर ढेर हुई। पहली पारी के आधार पर 15 रन की बढ़त लेने के बाद टीम इंडिया ने दूसरी पारी में 307 रन बनाए और मेजबान टीम को 323 रन का लक्ष्य दिया।