भारत के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का कहना है कि शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ी के लिए इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारतीय टीम की अगुआई करना चुनौती होगी। पुजारा ने हालांकि कहा कि गिल के लिए यह एक अच्छा मौका है क्योंकि अगर वह इंग्लैंड जैसे कठिन दौरे पर सफलता हासिल करते हैं तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
रोहित की जगह संभालेंगे जिम्मा
गिल को शनिवार को भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था। वह रोहित शर्मा की जगह पद संभालेंगे। रोहित और विराट कोहली के संन्यास के बाद भारत खेल के सबसे लंबे प्रारूप में नए युग की शुरुआत करेगा। रोहित और कोहली ने इस महीने एक सप्ताह के भीतर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 20 जून से शुरू होगी।
पुजारा ने कहा, आप युवा हो या अनुभवी अगर कप्तान के रूप में विदेश जाते हैं तो यह चुनौतीपूर्ण होगा। इंग्लैंड में शुरुआत करना शुभमन के लिए आसान नहीं होगा लेकिन यह एक युवा खिलाड़ी के लिए शानदार मौका है। वह इंग्लैंड में अगर अच्छी कप्तानी करता है तो इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा। हमने सुना है कि बुमराह इंग्लैंड में पांचों मैच नहीं खेल पाएंगे इसलिए गिल को टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई है। शुभमन को जिम्मेदारी दी गई है तो इसका मतलब है कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ता सोच रहे हैं कि वह लंबे समय तक टीम का नेतृत्व कर सकते हैं।
पुजारा ने कप्तानी और बल्लेबाज को अलग रखने की दी सलाह
37 साल के पुजारा ने टेस्ट से अभी संन्यास की घोषणा नहीं की है। उन्होंने भारत के लिए अपना पिछला मैच जून 2023 में खेला था। उन्होंने गिल को कप्तानी और बल्लेबाजी को अलग-अलग रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, बल्लेबाज के तौर पर भी उन पर बड़ी जिम्मेदारी है लेकिन मुझे यकीन है कि जिस तरह की प्रतिभा उनमें है वह इंग्लैंड में सफल होंगे। यह निश्चित रूप से उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। मुझे नहीं पता कि कप्तान होने से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आएगा या नहीं, लेकिन बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने हमेशा टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की है।
पुजारा ने कहा, जब आप शीर्ष स्तर पर बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे होते हैं तो आप कभी यह नहीं सोचते कि आप कप्तान हैं या खिलाड़ी, आप हमेशा टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। आपको इसे अलग रखना चाहिए। जब आप मध्यक्रम में बल्लेबाजी कर रहे होते हैं तो आपको कप्तानी के बारे में सोचने के बजाय बल्लेबाज के तौर पर सोचना चाहिए।