भारत और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बल्लेबाज सरफराज खान ने शुक्रवार को कहा कि जब दो साल तक वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में नहीं खेल पाए तो उन्होंने उस दौरान सफेद गेंद के क्रिकेट में अपनी फिटनेस और स्ट्राइक रेट पर काम किया। मुंबई के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज को 2024 और 2025 के आईपीएल सत्र में किसी भी टीम ने नहीं चुना था जिसके बाद इस साल उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ वापसी की।
सरफराज ने कहा, आईपीएल में मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती वापसी करना और अच्छे स्ट्राइक रेट के साथ खेलना था। बीच में स्ट्राइक रेट को लेकर कुछ दिक्कत थी और फिटनेस की वजह से भी, मैं दो साल तक आईपीएल में नहीं था। मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती वापसी करना थी। मुझे अपने स्ट्राइक रेट और फिटनेस में सुधार करने की जरूरत थी। यही एक वजह थी कि मैं दो साल तक आईपीएल से बाहर रहा। मैंने फिटनेस, क्षेत्ररक्षण और बल्लेबाजी पर कड़ी मेहनत की और मुझे अच्छे नतीजे मिले। मैं आगे भी सुधार करता रहूंगा।
धोनी के साथ समय बिताने पर क्या बोले सरफराज
इस साल अपने प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए सरफराज ने कहा, 'क्रिकेट में आप कभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सकते। आपको हर दिन उठना होता है, कड़ी मेहनत करनी होती है और हर दिन कुछ नया सीखना होता है।' एमएस धोनी के साथ बिताए समय के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, मैंने सीएसके में दो महीने बिताए और बहुत कुछ सीखा। हर कोई जानता है कि उनके (धोनी के) कमरे के दरवाजे कभी बंद नहीं होते इसलिए जब भी जरूरत होती, हम साथ बैठकर क्रिकेट पर चर्चा करते और हमेशा नयी चीजें सीखने की कोशिश करते।
सरफराज ने कहा, एक चीज जो मैंने सीखी, वह है चीजों को आसान रखना। मुझे कड़ी मेहनत करना पसंद है। मुझे खाली बैठना पसंद नहीं है। मुझे लगा कि मुझे अपने सफेद गेंद के खेल में सुधार करने की जरूरत है इसलिए मैंने उस पर काम किया और अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दिया। नतीजे सकारात्मक रहे हैं। जब तक मैं क्रिकेट खेल रहा हूं, मैं सीखता रहना चाहता हूं।