चैंपियंस ट्रॉफी में कल भारत और वेस्ट इंडीज के बीच मुकाबला खेला गया। दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम था।
भारत के स्टायलिश क्रिकेटर विराट कोहली के लिए यह मैच बेहद यादगार रहा क्योंकि यह उनके वनडे कैरियर का सौवां मैच भी था।
हालांकि कप्तान धोनी ने विंडीज की पारी के दौरान कोहली को 13वां ओवर फेंकने का मौका दिया और उन्होंने पहले दो ओवर में सधी गेंदबाजी की और महज 10 रन ही दिए। लेकिन तीसरे ओवर में जॉनसन चार्ल्स ने कोहली पर रन बनाने का मौका जाने नहीं दिया।
कोहली की तीसरी और विंडीज पारी की 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर चार्ल्स ने आगे बढ़ते हुए डीप एक्स्ट्रा कवर में गेंद को छह रन के लिए उठा दिया।
गेंद सीमा रेखा के पार गिरते ही गायब हो गई। डीप में खड़े क्षेत्ररक्षक उमेश यादव भी गेंद को सही जगह गिरते नहीं देख सके। जिस कारण बाउंड्री के बाहर ही गेंद गिरने के बावजूद गेंद ढूंढने में कुछ वक्त लग गया।
हुआ कुछ ऐसा कि ओवल में काले बादले छाए हुए हैं इसलिए बाउंड्री के पार ही कवर्स रखे गए हैं। चार्ल्स के सिक्स वाली यह गेंद उन्हीं कवर्स के ऊपर गिर गई और वह सबकी नजरों से ओझल हो गई।
क्षेत्ररक्षक उमेश यादव के अलावा मैदान के बाहर खड़े स्टॉफ्स और अन्य सुरक्षाकर्मी गेंद ढूंढ़ने में मदद करने लगे।
छक्का मारने के साथ ही चार्ल्स 49 रनों के निजी स्कोर पर पहुंच गए थे और गेंद मिलने के बाद कोहली ने जब अगली गेंद फेंकी तो इस कैरेबियाई बल्लेबाज ने एक रन लेकर अपना शानदार पचासा पूरा किया।
कोहली को इसके बाद गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला। उन्होंने तीन ओवर में 19 रन दिए।