'90 के दशक के खिलाड़ियों ने नहीं बख्शा'
लतीफ ने जियो न्यूज के शो 'हारना मना है' में कहा था, 'पाकिस्तान को दूसरा विश्व कप (2009 में टी20) जीतने में 17 साल लग गए, क्योंकि 90 के दशक के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान क्रिकेट को नहीं बख्शा। 90 के दशक के खिलाड़ियों को प्रबंधन से और टीम से भी दूर रखें, तभी टीम जीतने की कोशिश करेगी। वे इतने लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट की सेवा कर रहे हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि उन्हें अब आराम करना चाहिए।' अब, लतीफ ने चैंपियंस ट्रॉफी से पाकिस्तान के जल्दी बाहर होने का दोष उन खिलाड़ियों पर डाल दिया है जिन्होंने 90 के दशक में देश का प्रतिनिधित्व किया था। मेजबान पाकिस्तान क्रमशः न्यूजीलैंड और भारत से हारने के बाद ग्रुप चरण में टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
हफीज ने भी 90 के दशक के खिलाड़ियों पर उठाए सवाल
इससे पहले पाकिस्तान के एक और पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज ने उन खिलाड़ियों की विरासत पर सवाल उठाए जो 90 के दशक और 2000 के दशक की शुरुआत में टीम के लिए खेले थे। हफीज ने अपने समय में आईसीसी टूर्नामेंट जीतने में नाकाम रहने के लिए भी पूर्व क्रिकेटरों की काफी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों का बड़ा प्रशंसक हूं जो 1990 के दशक में खेले थे, लेकिन जब विरासत की बात आती है तो उन्होंने पाकिस्तान के लिए कुछ नहीं छोड़ा। उन्होंने आईसीसी इवेंट नहीं जीता। वे 1996, 1999 और 2003 के विश्व कप हार गए। 1992 के बाद हम एक फाइनल (1999 विश्व कप में) में पहुंचे और वह बुरी तरह हारे। खिलाड़ी के रूप में वे तब सुपरस्टार थे...मेगा सुपरस्टार थे, लेकिन तब वे आईसीसी टूर्नामेंट जीतकर हमें प्रेरित नहीं कर सके थे। फिर मुश्किल दौर आया जिससे हम 2007 में फाइनल (टी20 विश्व कप का) हार गए।'