बांग्लादेश के पूर्व सलामी बल्लेबाज इमरूल कायेस ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में उनकी टीम के पास 20 फरवरी को चैंपियंस ट्रॉफी के पहले मैच में भारत के तेज आक्रमण को दबाव में लाने का मौका होगा। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी का मानना है कि मोहम्मद शमी के पास काफी अनुभव है और वह इस चुनौती का सामना कर लेंगे।
इमरूल कायेस
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कायेस ने बुमराह की गैरमौजूदगी को लेकर दिया बयान
कायेस ने कहा, 'भारतीय टीम काफी मजबूत है और उनके पास बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण और बल्लेबाजी क्रम है, लेकिन बुमराह टीम में नहीं हैं। हम सभी को पता है कि पिछले दो साल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए क्या किया है। उनकी गैर मौजूदगी से बांग्लादेश को फायदा मिलेगा।' कायेस ने बांग्लादेश के लिए 39 टेस्ट, 78 वनडे और 14 टी20 मैच खेले हैं।
बुमराह की गैर मौजूदगी में मोहम्मद शमी पर भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई की जिम्मेदारी होगी जिसमें हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह भी हैं। कायेस ने कहा, 'शमी की वापसी बड़ी बात है। वह इस समय फिटनेस समस्या से जूझ रहा है, लेकिन लय हासिल करने पर वह बांग्लादेश के लिये बड़ा खतरा होगा।'
बांग्लादेश की टीम
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शाकिब-लिटन की गैरमौजूदगी पर कायेस का बयान
बांग्लादेश टीम में अनुभवी हरफनमौला शाकिब अल हसन और खराब फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज लिटन दास नहीं हैं। कायेस ने कहा, 'मुझे शाकिब की कमी खलेगी क्योंकि वह शानदार खिलाड़ी है। किसी भी मैच में उसका योगदान काफी रहता है। इस समय बांग्लादेश की टीम संघर्ष कर रही है क्योंकि अगर शाकिब नहीं खेलता है तो उन्हें एक अतिरिक्त स्पिनर उतारना होगा।'
उन्होंने कहा, 'लिटन का फॉर्म भी चिंता का सबब है, लेकिन बीपीएल के कुछ मैचों में उसने रन बनाये हैं। सौम्य सरकार और तंजीद तमीम ने भी रन बनाये हैं। मुझे लगता है कि टीम को बल्लेबाजी में चिंता करने की जरूरत नहीं है। मेहदी हसन मिराज चैम्पियन खिलाड़ी है और वह किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकता है।'
लक्ष्मीपति बालाजी
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बुमराह के नहीं रहने से शमी पर बढ़ सकता है दबाव
फैंस को उम्मीद है कि शमी इस टूर्नामेंट में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी महसूस नहीं होने देंगे। वैसे शमी की तैयारियों को लेकर काफी चिंताएं भी हैं। भारतीय टीम को दुबई में बांग्लादेश के खिलाफ 20 फरवरी को पहला मैच खेलना है। 34 वर्ष के शमी चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न स्तरों और अलग अलग प्रारूप में कुछ मैच खेले हैं, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में अपेक्षाओं पर खरे उतरने का दबाव अलग होता है। ऐसे में बुमराह की गैर मौजूदगी में उन पर दबाव और बढ़ जाएगा।
चैंपियंस ट्रॉफी में शमी के साझेदार अर्शदीप सिंह होंगे, लेकिन वह बुमराह की श्रेणी के गेंदबाज नहीं हैं। इस मौके पर बालाजी ने कहा, 'शमी ने 2019 वनडे विश्व कप और पिछले विश्व कप (2023) में बुमराह से बेहतर गेंदबाजी की थी। बुमराह विभिन्न प्रारूपों में चैंपियन गेंदबाज हैं, लेकिन शमी के पास अनुभव है और बुमराह के आने से पहले भारत के आक्रमण की जिम्मेदारी उन्हें पर थी।'
मोहम्मद शमी
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बालाजी ने कहा- शमी को नई गेंद से करना होगा कमाल
बालाजी ने कहा, 'अगर भारत को अच्छा प्रदर्शन करना है तो शमी को नई गेंद से कमाल करना होगा। पहले छह ओवर में नयी गेंद से प्रदर्शन भारत के लिए काफी मायने रखेगा। अगर वह शुरूआती कामयाबी दिला सका तो भारत का मनोबल काफी बढ़ेगा।' शमी की जिम्मेदारी विकेट लेना ही नहीं बल्कि अर्शदीप और हर्षित राणा जैसे गेंदबाजों का मागदर्शन करने की भी होगी। बालाजी ने कहा, 'शमी इस समय गेंदबाजों का अगुआ हैं। वह लंबे समय से रहा है और पिछले 12 साल में टेस्ट क्रिकेट में खास तौर पर उसका प्रदर्शन शानदार रहा है। अब दूसरे गेंदबाजों के मार्गदर्शक के तौर पर वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।'