भारत ने बांग्लादेश पर शानदार जीत दर्ज करके आईसीसी पुरुष चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपने अभियान की जोरदार शुरुआत की है। इस मैच के बाद, भारत के पूर्व क्रिकेटर और 2011 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे पीयूष चावला ने शुभमन गिल की जिम्मेदारी भरी पारी और मोहम्मद शमी की धारदार गेंदबाजी और अन्य महत्वपूर्ण पलों को लेकर अपने विचार रखे। भारत को ्अब चैंपियंस ट्रॉफी में 23 फरवरी को पाकिस्तान का सामना करना है। यह मैच भी दुबई में खेला जाएगा। पाकिस्तान के लिए यह करो या मरो वाला मुकाबला है।
गिल की शतकीय पारी की पीयूष ने सराहना की
पीयूष ने कहा, 'यह एक प्रभावशाली पारी थी क्योंकि इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। जब आप इस तरह की विकेट पर लगभग 230 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो आपको ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होती है, जो अंत तक टिककर पारी संभाले और ठीक यही भूमिका शुभमन गिल ने निभाई। वह इस समय अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं और जानते हैं कि कब संयम रखना है। उन्होंने जिम्मेदारी के साथ बैटिंग की। यही गुण उन्हें इस भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाता है। वह परिस्थितियों को समझते हैं और टीम को कब क्या चाहिए, यह भी उन्हें मालूम होता है।
उन्होंने कहा, 'मैच के दौरान ऐसे हालात भी बने, जब बस सिंगल और डबल्स लेकर स्ट्राइक रोटेट करने की जरूरत थी, तब उन्होंने बाउंड्री लगाने की कोशिश भी नहीं की, लेकिन स्कोर चलायमान रखा। इस तरह की समझदारी एक परिपक्व खिलाड़ी की निशानी है। अब जब वह उप-कप्तान भी हैं, तो आप उनसे इसी तरह भूमिका को अपनाने की उम्मीद करते हैं, और उन्होंने ठीक वैसा ही किया। एक समय भारत की पारी फंसी हुई लग रही थी, क्योंकि उसने कुछ विकेट खो दिए थे। लेकिन जिस तरह से उन्होंने पारी को संभाला और अंत तक टिके रहे, वो देखना बहुत ही शानदार था।'
शमी की गेंदबाजी पर पीयूष चावला फिदा हुए
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, 'आईसीसी टूर्नामेंट और मोहम्मद शमी- यह एक बेहतरीन प्रेम कहानी है। ऐसा लगता है कि दोनों एक-दूजे बने हैं। जब भी वह आईसीसी टूर्नामेंट में खेलते हैं, तो वह एकदम अलग स्तर के गेंदबाज नजर आते हैं। आपको पता है कि वह चोट से वापसी कर रहे हैं और हाल ही में द्विपक्षीय सीरीज में उतने दमदार नहीं दिखे, लेकिन सकारात्मक संकेत यह था कि वह अपने कोटे के पूरे ओवर गेंदबाजी कर रहे थे। वह काफी बेहतर दिखाई दिए हैं। हमें अभी भी शमी का 100 प्रतिशत प्रदर्शन देखना बाकी है, लेकिन पांच विकेट लेने का कारनामा निश्चित रूप से उनके आत्मविश्वास में इजाफा करेगा।
पीयूष ने कहा, 'परिस्थितियों का आकलन करना महत्वपूर्ण होता है और उसी के अनुरूप शमी ने गेंदबाजी की। उन्हें मालूम था कि अपनी सीधी सीम के साथ गेंद को कहां पिच करना है। उन्होंने छह से आठ मीटर के निशान पर लगातार गेंदें डालीं, जिससे कि उन्हें पिच से मूवमेंट मिल सके। यही कारण है कि वह नई गेंद के साथ शुरुआत में विकेट लेने में सफल रहे। उन्होंने गेंदबाजी विविधता का इस्तेमाल किया। उन्हें अच्छी तरह से छिपी हुई धीमी गेंदें फेंकते हुए देखना शानदार था।'
कोहली को लेकर क्या बोले पीयूष चावला?
पीयूष ने कहा, 'जब विराट बल्लेबाजी करने आए, तो उस समय ज्यादातर स्पिनर बॉलिंग कर रहे थे। स्पिनर्स को आमतौर पर वह बैकफुट पर खेलते हैं। लेकिन हाल के मैचों में, हमने उन्हें लेग स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष करते देखा है। वह अपनी पिछली पांच पारियों में से सभी में लेग स्पिनरों की गेंद पर आउट हुए हैं। हर टीम अपना होमवर्क करती है, इसलिए जब विराट बैटिंग करने के लिए मैदान पर उतरे, तो बांग्लादेश ने तुरंत अपने लेग स्पिनर रिशाद हुसैन को गेंद थमा दी।
पीयूष ने कहा, 'उनका विकेट लेने का रिशाद को श्रेय जाता है, क्योंकि उन्होंने टाइट लाइन पर गेंदबाजी की और लगातार स्टंप्स की लाइन को पकड़ कर रखा। अन्य लेग स्पिनरों के विपरीत रिशाद हवा में तेजी से गेंद फेंकते हैं, क्योंकि वह ज्यादा फ्लाइट नहीं देते हैं। इससे बल्लेबाजों के पास शॉट खेलने का ज्यादा समय नहीं होता। जिस गेंद पर कोहली आउट हुए, वो कट शॉट खेलने के लिए बहुत वाइड नहीं थी, लेकिन अतिरिक्त गति और उछाल के कारण वह मिस टाइम कर गए। यहीं पर रिशाद का कौशल काम कर गया।'