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Champions Trophy: 'खुश हूं कि खिलाड़ियों ने किसी तरह अटकलों पर ध्यान नहीं दिया', टीम के प्रदर्शन पर बोले रोहित

Mon, 10 Mar 2025 01:45 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

पिछले कुछ महीनो में टीम के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण रोहित, कोहली और गंभीर आलोचकों के निशाने पर थे। आलोचना करना सही है लेकिन कुछ खास लोगों को निशाना बनाना सही नहीं कहा जा सकता है।
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रोहित और ट्रॉफी के साथ भारतीय टीम - फोटो : PTI
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विस्तार
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चैंपियंस ट्रॉफी में मिली जीत से कप्तान रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा और विराट कोहली तीनों को नया जीवन मिला है। इससे इन तीनों का ही नहीं टीम का भविष्य का रास्ता भी काफी हद तक स्पष्ट हो गया है। टीम ने प्रक्रिया पर ध्यान दिया और अब परिणाम सबके सामने है। ट्रॉफी जीतने के बाद कप्तान ने कहा, 'कोई मुझसे कह रहा था कि आईसीसी की पिछली तीन प्रतियोगिताओं में हमने केवल एक मैच गंवाया। यह बड़ी उपलब्धि है। इससे पता चलता है कि यह टीम कितनी अच्छी है। टीम में काफी गहराई है और खिलाड़ियों के बीच आपस में बहुत अच्छी समझ है।'
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रोहित की हो रही थी आलोचना
भारत के चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के कुछ देर बाद कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने स्टंप पकड़कर अचानक डांडिया नृत्य शुरू कर दिया जबकि मुख्य कोच गौतम गंभीर पूरे मैदान पर घूमते हुए अपने खिलाड़ियों को गले लगा रहे थे। किसी बड़े टूर्नामेंट में जीत हासिल करने के बाद इस तरह के दृश्य आम होते हैं लेकिन यहां इसके कुछ गहरे अर्थ भी थे। पिछले कुछ महीनो में टीम के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण रोहित, कोहली और गंभीर आलोचकों के निशाने पर थे। आलोचना करना सही है लेकिन कुछ खास लोगों को निशाना बनाना सही नहीं कहा जा सकता है।

'मजबूत इरादों की वजह से जीती टीम'
भारतीय कप्तान ने कहा कि मजबूत इरादों के कारण टीम बाहर से बन रहे दबाव से निपटने में सफल रही। उन्होंने कहा, 'बाहर से बहुत अधिक दबाव था। अगर टीम एक मैच हार जाती तो फिर कई तरह की अटकलें लगाई जाती। लेकिन हमारे खिलाड़ी इससे अच्छी तरह निपटे और उन्होंने इसे दरकिनार करके केवल अपने खेल पर ध्यान केंद्रित किया।' रोहित 30 और 40 रन के अपने स्कोर को बड़ी पारी में नहीं बदल पा रहे थे जिसके कारण उनकी काफी आलोचना हो रही थी। इस 37 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 76 रन की मैच विजेता पारी खेल कर आलोचकों को करारा जवाब दिया।

'भारत का प्रतिनिधित्व करना कोई मजाक नहीं'
रोहित ने कहा, 'भारत का प्रतिनिधित्व करना कोई मजाक नहीं है। हर कोई बहुत ईमानदारी के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। मैंने 2019 विश्व कप में बहुत योगदान दिया, लेकिन हम जीत नहीं पाए। इसलिए, यह मजेदार नहीं था। भले ही आप 30 या 40 रन बनाते हैं और मैच जीतते हैं तो आपको अधिक संतुष्टि और खुशी मिलती है।'

'टीम को सहज स्थिति में लाना अधिक महत्वपूर्ण'
उन्होंने कहा, 'इसलिए मेरा मानना है कि मेरे लिए कुछ करना और टीम को सहज स्थिति में लाना अधिक महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा, 'इसलिए मेरा मानना है कि मेरे लिए कुछ करना और टीम को सहज स्थिति में लाना अधिक महत्वपूर्ण है।' भारतीय टीम को हालांकि इस मुकाम पर पहुंचने से पहले रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और वाशिंगटन सुंदर के रूप में पांच स्पिनर चुनने के लिए कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इनमें से पहले चार को खेलने का मौका मिला और उन्होंने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
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'परिस्थितियों से अच्छी तरह से सामंजस्य बिठाया'
रोहित ने कहा, 'हम जानते थे की परिस्थितियां काफी मुश्किल होंगी लेकिन हमने इनसे अच्छी तरह से सामंजस्य बिठाया। हम अधिक तेज गेंदबाजों के बजाय अधिक स्पिनर के साथ उतरे।' भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम ने बाहर की बातों पर ध्यान न देकर इन परिस्थितियों का उपयोग अपने फायदे के लिए करने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, 'हमने यहां आने से पहले इस पर गौर किया कि इन विकेट का कितना उपयोग किया गया है। मैं जानता था कि धीमी गति के गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसलिए हम इस आधार पर टीम का चयन करना चाहते थे।'
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