रोहित ने छक्का लगाकर शतक पूरा किया
क्रिकेट में अक्सर नर्वस 90 की बात होती है और कहा जाता है कि 90 रन बना लेने के बाद बल्लेबाज दबाव में आ जाता है। हालांकि, रोहित पर ऐसा कोई दबाव नजर नहीं आया। जब रोहित 96 के स्कोर पर थे, तो उन्होंने आदिल रशीद की गेंद पर कदमों का इस्तेमाल करते हुए लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का मारा और शतक पूरा किया। शतक लगाने के बाद भी रोहित ने कोई आक्रामक अंदाज में जश्न नहीं मनाया और चुप चाप बल्ला उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। यह दिखाता है कि वह उस पल में कितने भावुक थे। इसका वीडियो भी सामने आया है। पंजाब किंग्स ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा- नर्वस 90? वो क्या होता है?
रोहित के संन्यास की अफवाहें सामने आई थीं
मैच के बाद रोहित टीवी ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए भी भावुक दिखे। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विफलता के बाद रोहित के संन्यास की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। हालांकि, रोहित खुद सामने आए थे और कहा था कि वह संन्यास नहीं ले रहे और अगले पांच छह महीने में चीजें बदल सकती हैं। उन्होंने कहा था कि अगले कुछ महीनों में क्या होगा, किसी को नहीं पता। अब उनकी बातें सच होती दिख रही हैं। रोहित फॉर्म में लौट चुके हैं और उन्हें इस बात की खुशी सबसे ज्यादा होगी। हालांकि, मैच के बाद भी रोहित बेहद शांत नजर आए और सहजता से सभी प्रश्नों का जवाब दिया। उन्होंने अपने 32वें वनडे शतक को बस ऑफिस में एक और दिन (आम दिन) बताया और कहा कि सिर्फ एक पारी से कुछ नहीं बदलता।
मैच के बाद रोहित हुए भावुक, कही यह बात
रोहित ने 90 गेंदों में 12 चौकों और सात छक्कों की मदद से 119 रन की पारी खेली। रोहित ने बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कहा, 'मैं इसी बारे में बात कर रहा हूं। मेरा मतलब है, देखो, जब किसी क्रिकेटर ने कई वर्षों तक क्रिकेट खेला हो और इतने वर्षों में इतने सारे रन बनाता आ रहा हो... तो इसका कुछ मतलब है उसमें कुछ है। मैंने इस खेल को काफी समय से खेला है और मैं समझता हूं कि मेरे लिए क्या जरूरी है। इसलिए मेरा काम मैदान पर जाना और अपने रोल को निभाना है। मैंने आज जो किया वह इन्हीं कामों में से एक था। मेरे दिमाग में यही बात थी कि मुझे वही करना जो मैं करता आ रहा हूं। मैं वैसी ही बल्लेबाजी करने की कोशिश कर रहा था जैसे मैं करता आ रहा हूं। मैं इस खेल में काफी समय से हूं। एक या दो पारी से मेरा मन नहीं बदलेगा या संतुष्टि नहीं मिलेगी। मेरे लिए यह ऑफिस में सिर्फ एक और दिन था।'