दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप का आयोजन 23 नवंबर से तीन दिसंबर तक पाकिस्तान में होना है। भारतीय दृष्टिबाधित संघ (आईबीसीए) के महासचिव शैलेंद्र यादव ने इस बात की पुष्टि है कि विदेश मंत्रालय ने टीम को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी है और टूर्नामेंट से हटने को कहा है।
पाकिस्तान में होने वाले टी20 दृष्टिबाधित विश्व कप से भारत के नाम वापिस लेने पर कप्तान दुर्गाराव टोंपाकी ने बुधवार को कहा कि टूर्नामेंट नहीं खेल पाने से वह निराश हैं जबकि राष्ट्रीय महासंघ ने भी इस घटनाक्रम पर खेद जताया है। सुरक्षा कारणों से सरकार से पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद भारतीय टीम ने टूर्नामेंट से नाम वापिस ले लिया । भारतीय टीम को शनिवार से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के लिये बुधवार को वाघा सीमा पार जाना था ।
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टोंपाकी ने कहा, 'हम जुनून के साथ खेलते हैं और देश का प्रतिनिधित्व करने में गर्व महसूस करते हैं। हम हमेशा बड़े टूर्नामेंट खेलना चाहते हैं और यह मौका खोने का हमें दुख है, लेकिन हमें पता है कि अगला विश्व कप जल्दी ही होना है। हम उसकी तैयारी जारी रखेंगे।' भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट संघ (सीएबीआई) ने दिल्ली में 25 दिन के अभ्यास शिविर के बाद विश्व कप टीम का चयन किया था।
कप्तान ने कहा, 'हमारा कोचिंग शिविर काफी कामयाब रहा था जिसमें से काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकले थे और हमारा मानना है कि वे टीम को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। अब उन्हें तराशने का समय है ताकि अगले टूर्नामेंट के लिये टीम तैयार रहे।' भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए खेल मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिल गया था लेकिन विदेश मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल सकी। सीएबीआई ने एक बयान में कहा, 'यह टीम के लिये झटका है लेकिन हम सरकार की चिंताओं को समझते हैं और फैसले का सम्मान करते हैं।'
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दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप का आयोजन 23 नवंबर से तीन दिसंबर तक पाकिस्तान में होना है। भारतीय दृष्टिबाधित संघ (आईबीसीए) के महासचिव शैलेंद्र यादव ने इस बात की पुष्टि है कि विदेश मंत्रालय ने टीम को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी है और टूर्नामेंट से हटने को कहा है। यादव ने यह भी कहा कि भारत के साथ-साथ इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी टूर्नामेंट में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि खिलाड़ियों की सारी मेहनत बेकार चली जाएगी।