दिल्ली कैपिटल्स को गुरुवार रात 57 रन से रौंदते हुए मुंबई इंडियंस ने छठी बार आईपीएल के फाइनल में जगह मनाई। इससे पहले पलटन 2010, 2013, 2015, 2017 और 2019 में भी खिताबी मुकाबला खेल चुकी है, लेकिन चार बार खिताब जीत चुकी मुंबई एक पैटर्न पर ट्रॉफी उठाती है।
मसलन सर्वाधिक चार बार की चैंपियन मुंबई ने 2013, 15, 17 और 19 में फाइनल जीता है। अगर हम इन तारीखों पर गौर करें तो पाएंगे कि मुंबई ने हर बार विषम की संख्या वाले साल में फाइनल जीता है। सम संख्या 2010 के फाइनल में उसे हार का मुंह देखना प़ड़ा था। तब चेन्नई सुपरकिंग्स चैंपियन बनी थी।
इस लिहाज से देखा जाए तो 2020 भी मुंबई इंडियंस के लिए अशुभ साबित हो सकता है। ईश्वर पर गहरी आस्था रखने वाली मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी भी निश्चित तौर पर इस ओर ध्यान रखी होगी। अक्सर मैच के दौरान टीम की मालकिन नीता अंबानी मंत्र पढ़ते नजर आतीं रहीं हैं। क्वालीफायर-1 में भी उनकी एक रिश्तेदार किताब हाथ में रख मंत्रोच्चार करती दिखीं थीं।
वैसे भी साल 2020 में दुनिया कई अकाल्पनिक घटनाओं की साक्षी बन चुकी है। ऐसे में अगर मुंबई इंडियंस पैटर्न को तोड़ते हुए सम साल में चैंपियन बनती है तो किसी को हैरानी नहीं होगी। वैसे भी टीम अपने पूरे दम से खेल रही है। हर मैच में कोई न कोई खिलाड़ी सामने से जिम्मेदारी लेकर जीत सुनिश्चित करता है।