पर्थ में चौंकाने वाली हार के बाद टीम इंडिया की नजर ब्रिसबेन वनडे जीतकर श्रृंखला में वापसी करने की है। लेकिन दोनों टीमों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैच जीतने से पहले टॉस कौन जीतेगा?
शुक्रवार को होने वाले मैच में बारिश की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो डकवर्थ लुइस नियम के आधार पर मैच की रिजल्ट आ सकता है। यही नहीं दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीम फायदे में रहेगी।
पर्थ वनडे में हार के बाद टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टीम की सबसे बड़ी ताकत स्पिनिंग पर निराशा जताई थी। उन्होंने कहा था कि स्पिनर अगर चलते तो मैच टीम की झोली में आ सकता था।
भारतीय खेमे के लिए यह राहत की बात हो सकती है कि तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की उंगली की चोट अब ठीक हो गई है और वह दूसरे वनडे में चयन के लिए उपलब्ध होंगे। यदि धोनी तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनरों के अपने पिछले ‘कंबीनेशन’ के साथ उतरे तो भुवनेश्वर की जगह इशांत को उतारा जा सकता है।
टीम इंडिया में सबसे बड़े ट्रंप को दिखाना होगा कमाल
पर्थ में टीम इंडिया की ओर से रोहित शर्मा ने धमाकेदार 171 रनों की पारी खेली। जिसके बल पर टीम इंडिया 300 से ऊपर का स्कोर खड़ा करने में कामयाब हो सकी।
पर्थ में टीम इंडिया की बल्लेबाजी अच्छी रही। सिर्फ शिखर धवन को छोड़ दिया जाए तो बाकी के बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। पर्थ में जरुरत नहीं पड़ी लेकिन ब्रिसबेन में धवन पर खुद को साबित करने का दबाव होगा।
टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात है, टीम की स्पिन गेंदबाजी। टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत हमेशा स्पिन गेंदबाजी रही है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने के बाद पर्थ वनडे में आर अश्विन और रविंद्र जडेजा पर टीम को उम्मीद थी।
हालांकि अश्विन ने आखिर में टीम के लिए दो सफलताए जरुर हासिल की। लेकिन तब तक मैच टीम इंडिया की पकड़ से दूर हो चुका था। अश्विन और जडेजा को ब्रिसबेन में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होगा।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का ढूंढना होगा विकल्प
टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए सिर्फ स्पिन गेंदबाजी ही नहीं ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ भी बड़ा रोड़ा है। स्मिथ की पर्थ में खेली गई शतकीय पारी टीम के लिए चिंता का विषय है।
हालांकि डेविड वॉर्नर के कंगारू टीम में शामिल न होने से टीम इंडिया के लिए मुश्किल थोड़ा कम जरुर है। लेकिन यह काफी नहीं। स्मिथ को जल्दी पवेलियन भेजना टीम इंडिया के लिए ब्रिसबेन वनडे में जीत की राह खोल सकता है।
धोनी के लिए अच्छी खबर बरिंदर सरां के रुप में आई है। पर्थ में शानदार प्रदर्शन करके इस युवा तेज गेंदबाज ने खुद को साबित किया है। धोनी दूसरे वनडे में भी बरिंदर को ट्रंप के रुप में इस्तेमाल कर सकते हैं।