भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में यशस्वी जायसवाल का तूफान देखने को मिला। उन्होंने भारत की पहली पारी के दौरान बेहतरीन 175 रन बनाए। 258 रन की उनकी पारी में 22 चौके आए। दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद जब वह बीसीसीआई डॉट टीवी से बात करने मैदान पर थे, तभी उनकी मुलाकात महान ब्रायन लारा से हुई। इस दौरान लारा ने उन पर चुटकी भी ली और तारीफ की। लारा ने यशस्वी से कहा कि कृपया वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की इतनी धुनाई न करें।
यशस्वी और लारा की मुलाकात
यशस्वी जब मैदान पर खड़े थे, तब वहां से लारा गुजर रहे थे। यशस्वी ने उन्हें देखा तो दौड़कर उनके पास पहुंचे। फिर पूछा- आप कैसे हैं सर? इस पर लारा ने कहा- अच्छा हूं। हमारे गेंदबाजों की इतनी बुरी तरीके से पिटाई न करो।' इस पर यशस्वी हंसने लगे। उन्होंने कहा, 'मैं बस कोशिश कर रहा हूं।' इसके बाद यशस्वी बीसीसीआई से बात करते हुए दिखे। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा टीम को सर्वोपरि रखता हूं। मैं हमेशा टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देने का सोचता हूं। मैं इस अंदाज से खेलता हूं कि टीम के लिए उस वक्त में क्या जरूरी है। मैं इस तरह से सोचता हूं और इससे मुझे जवाब मिलते हैं। मैं पारी के दौरान ये सोचता हूं कि मैं कैसे खेल सकता हूं और क्या शॉट्स खेल सकता हूं और विकेट किस प्रकार खेल रही है।'
क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश
यशस्वी ने कहा, 'अगर मैं क्रीज पर हूं तो मैं कोशिश करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा समय बिता सकूं। मेरी यही मानसिकता होती है। अगर मुझे अच्छी शुरुआत मिली है तो मैं उसे बड़ी पारी में बदलने की कोशिश करता हूं। मेरे अंदर यह मानसिकता है कि अगर हम जम गए हैं तो हमें लंबी पारी खेलनी है और हमें शॉट्स भी लगाते रहने हैं। साथ ही स्ट्राइक भी रोटेट करते रहना है और रन गति को बनाए रखना होता है। मुझे लगता है कि मैंने अच्छा खेला।'
यशस्वी ने की कप्तान गिल की तारीफ
यशस्वी ने कप्तान शुभमन गिल की तारीफ करते हुए कहा, 'गिल भाई ने शानदार बल्लेबाजी की और इसी बारे में हम बात कर रहे थे, जब हम क्रीज पर थे। अगर हम क्रीज पर हैं तो हमें इस मौके का पूरा फायदा उठाना होगा। हमें अपने स्वाभाविक प्रवृत्ति से शॉट्स भी लगाते रहने होंगे। लूज बॉल मिलती है तो रन के लिए जाना होगा। उनके साथ बल्लेबाजी करते अच्छा लगा। जिस तरह से वह बल्लेबाजी करते हैं और गेम को चलाते हैं, वह देखना शानदार है। मुंबई क्रिकेट और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का शुक्रिया कि जब भी मैं उनके साथ खेलता हूं, तो वहां पर मुझे कहा जाता है कि अगर तुम्हें स्टार्ट मिल गया है तो यह सुनिश्चित करो कि वह बड़ी पारी में बदले। यही मैं यहां पर अमल कर रहा हूं।'
यशस्वी ने टेस्ट करियर का सातवां शतक लगाया
यशस्वी ने टेस्ट करियर का सातवां शतक जड़ा। उन्होंने इसी के साथ कई रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए। यशस्वी का यह शतक खास इसलिए भी है क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट में 24 साल की उम्र के होने से पहले सात या इससे ज्यादा शतक लगाने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इससे पहले सिर्फ डॉन ब्रैडमैन (12 शतक), सचिन तेंदुलकर (11 शतक), और सर गारफील्ड सोबर्स (9 शतक) ने ही 24 साल की उम्र के होने से पहले यशस्वी से ज्यादा शतक लगाए हैं। इसके अलावा जावेद मियांदाद, ग्रीम स्मिथ, एलिस्टेयर कुक और केन विलियम्सन ने भी अपने करियर में 24 साल की उम्र के होने से पहले सात-सात शतक बनाए।
डेब्यू के बाद भारत के ओपनर्स में सबसे आगे
यशस्वी जायसवाल ने 2023 में टेस्ट डेब्यू किया था। अपने टेस्ट डेब्यू के बाद अब तक साच शतक जड़े हैं। यशस्वी के डेब्यू से लेकर अब तक भारत के अन्य सभी ओपनर्स ने मिलकर इस दौरान केवल छह शतक बनाए हैं। यशस्वी के टेस्ट डेब्यू के बाद से अन्य टीमों के ओपनर्स में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले खिलाड़ी बेन डकेट हैं, जिन्होंने इस दौरान चार शतक बनाए हैं। यह आंकड़ा यह दिखाता है कि युवा ओपनर ने टीम के लिए कितनी जिम्मेदारी उठाई है और अपने निरंतर प्रदर्शन से खुद को सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया है।
शुभमन गिल ने भी नाबाद शतकीय पारी खेली
यशस्वी के अलावा कप्तान शुभमन गिल ने 196 गेंद में 16 चौके और दो छक्कों की मदद से 129 रन की नाबाद पारी खेली। इसके अलावा केएल राहुल ने 38 रन बनाए। साई सुदर्शन ने 12 चौके की मदद से 87 रन की पारी खेली। वहीं, नीतीश रेड्डी 43 रन बनाकर आउट हुए। ध्रुव जुरेल 44 रन बना सके। भारत ने अपनी पहली पारी पांच विकेट पर 518 रन बनाकर घोषित की थी। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वारिकन ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए।