बॉक्सिंग डे टेस्ट के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की ओर से 2 बल्लेबाजों ने शतक लगाए तो दूसरे दिन भी दो और बल्लेबाजों ने शतक ठोंक दिए। इस तरह से 4 शतकों की मदद से मेजबान टीम ने 3 विकेट पर 551 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी। जोए बर्न्स (128) और उस्मान ख्वाजा (144) के बाद आज दूसरे दिन कप्तान स्टीवन स्मिथ (नाबाद 134) और एडम वोग्स (नाबाद 106) ने भी शतक लगाए।
कंगारू टीम की ओर से शीर्ष क्रम के 5 में से 4 बल्लेबाजों ने शतक ठोंके हैं, लेकिन जोए बर्न्स के साथ पारी की शुरुआत करने आए विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वार्नर (23) सस्ते में आउट हो गए और शतक से चूक गए। टेस्ट में ऐसा तीसरी बार हुआ है जब ऑस्ट्रेलिया की ओर से शीर्ष क्रम के 5 में से 4 बल्लेबाजों ने एक पारी में शतक ठोंके हैं। उनकी ओर से 2001 (पाकिस्तान) और 2007 (भारत) में ऐसा कारनामा किया गया था। साथ ही ऑस्ट्रेलिया की ओर से ऐसा तीसरी बार हुआ है जब उसकी पारी में 4 या उससे ज्यादा शतक लगे हैं। 1955 में विंडीज के खिलाफ किंगस्टन टेस्ट में 5 शतक लगाए गए थे ऑस्ट्रेलिया की ओर से।
बल्लेबाजों के कमाल के खेल के बाद कंगारू गेंदबाजों ने भी कमाल दिखाया और दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज के 6 विकेट महज 83 रनों के अंदर झटक लिए। दिन का खेल खत्म होने तक विंडीज टीम ने 6 विकेट पर 91 रन बना लिए थे। जेम्स पैंटिसन, नाथन ल्योन और पीटर सिडल ने 2-2 विकेट झटके। कप्तान जेसन होल्डर तो अपनी पहली ही गेंद पर आउट हो गए।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैच के पहले दिन जोए बर्न्स और उस्मान ख्वाजा के बीच तीसरे विकेट के लिए 258 रनों की साझेदारी हुई जोकि इस मैदान में दूसरे विकेट पर तीसरी श्रेष्ठ साझेदारी है। इससे पहले इयान चैपल और बिल लॉरी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1968 में 298 रन बनाए थे जबकि डॉन ब्रेडमैन और बिल वुडफुल ने 1931 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 274 रन जोड़े थे।