चेन्नई में भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को मिली 8 विकेट से हार से निराश कोच मिकी आर्थर ने कहा है कि दो स्पिनरों को नहीं उतारना टीम की सबसे बड़ी गलती थी। इस हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में मंथन तेज हो गया है।
ऐसे में दूसरे स्पिनर के रूप में जेवियर डोहार्ती को नहीं उतारने का सवाल हर कोई कर रहा है। इसके अलावा चेन्नई टेस्ट में कुल छह विकेट लेकर सबसे सफ्ल गेंदबाज रहे जेम्स पैटिंसन पर दबाव घटना भी टीम के सामने बड़े सवाल है।
टीम के कोच मिकी आर्थर ने कहा कि भारतीय स्पिनरों का जवाब देना बेहद कठिन है। उन्होनें कहा कि इस समय स्पिनरों और तेज गेंदबाजों को भारतीय परिस्थितियों में खेलाने को लेकर दुविधा बनी हुई है। पहले टेस्ट में तेज गेंदबाज पैटिंसन का प्रदर्शन शानदार था जबकि स्पिनर का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा। लेकिन इन पिचों पर कम से कम दो स्पिनरों को उतारा जाना बेहद जरूरी है।
आर्थर ने हैदराबाद में दो मार्च से शुरू होने जा रहे दूसरे टेस्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि हैदराबाद की पिच को देखने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेना संभव होगा। हमारे तेज गेंदबाज बढ़िया हैं लेकिन यहां कम से कम दो स्पिनरों को उतारना अच्छा रहेगा। ऑस्ट्रेलियाई कोच ने डोहार्ती के सवाल पर कहा कि यदि इस स्पिनर को अगले मैच में उतारा जाता है तो बड़े फेरबदल करने में सक्षम हो सकते हैं।
मिकी ने कहा कि मुझे यकीन है कि यदि टीम में डोहार्ती को चुना जाता है तो वह भारत के शीर्ष और मध्यक्रम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन पिचों पर गेंद का टर्न होना काफी होता है। चेन्नई में मिली हार से आगामी मुकाबलों में टीम को सुधार करने का मौका मिलेगा।