आईपीएल सीजन-6 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार तेज गेंदबाज श्रीसंत और अजित चंडीला के बारे में दिल्ली पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स के इन खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग के लिए लड़कियां भी सप्लाई की गई थीं।
स्पॉट फिक्सिंग में श्रीसंत समेत तीन क्रिकेटर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से अंग्रेजी दैनिक में बताया गया है कि दो सट्टेबाजों मनन और चांद की रिकार्ड की गई बातचीत से यह बात सामने आई है कि इन दोनों ने तीन बार श्रीसंत और अजित चंडीला के लिए लड़कियों का बंदोबस्त किया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिकार्ड की गई बातचीत में लड़कियों के लाने और ले जाने वाले कई विवरण मौजूद हैं।
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स्पॉट फिक्सिंग में गिरफ्तार तीसरे क्रिकेटर अंकित चौहान ने इस बात को स्वीकार किया है कि सट्टेबाजों ने उसे लड़कियां उपलब्ध कराई थीं।
खुद को श्रीसंत का दोस्त बताने वाले सट्टेबाज बीजू ऊर्फ जीजू ने ये लड़कियां उपलब्ध कराई थीं।
एक क्लिक में जानिए पूरा स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण
गौरतलब है कि जब दिल्ली पुलिस ने गुरुवार सुबह मुंबई के खार क्षेत्र से श्रीसंत और बीजू को गिरफ्तार किया था उस समय भी उनके साथ लड़कियां मौजूद थीं।
हालांकि दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में इस बात का जिक्र नहीं किया था। लेकिन बाद उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को इस बात की पुष्टि की कि दो सट्टेबाजों ने गिरफ्तार दोनों क्रिकेटरों को लड़कियां उपलब्ध कराई थीं, जिसका जिक्र रिकार्ड की गई बातचीत में मौजूद है।
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उन्होंने बताया कि स्पॉट फिक्सिंग में कोई भूमिका न होने के कारण उन लड़कियों पर कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि पुलिस कमिश्नर ने संवाददाता सम्मेलन में सट्टेबाज गिरोह के मास्टर माइंड के बारे में भी बताया था।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार मास्टरमाइंड का नाम सलमान है। और वह दुबई में रहता है। पुलिस जब सलमान के टेलीफोन को रिकार्ड कर रही थी तब पहली बार इस स्पॉट फिक्सिंग के बारे में सुराग हाथ लगा था।
मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग में अंतर
स्पॉट फिक्सिंग का दाउद कनेक्शन
स्पॉट फिक्सिंग के विदेशी तार का पता लगाने के लिए कई और एजेंसियों ने जांच में शामिल होने की तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को इस सनसनीखेज मामले के विदेशी तार ढूंढने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
इसके अलावा आईपीएल के मैचों के अलग-अलग राज्यों में होने की वजह से किसी केंद्रीय एजेंसी को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल इस मामले के तार दुबई से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
अब तक की जांच के मुताबिक स्पॉट फिक्सिंग की रकम का भुगतान हवाला के जरिए किया जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुंबई के मैच के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से होने वाला भंडाफोड़ फिक्सिंग के खेल की बानगी भर है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने इस बात के साफ संकेत दिए हैं कि फिक्सिंग के पैसे का लेनदेन विदेश से होता है और इसका मास्टर माइंड भी विदेश में ही बैठा है।
इससे पहले मैच फिक्सिंग के मामले में पाकिस्तान में पनाह लिए अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहिम का नाम सामने आ चुका है।
अब एजेंसियां इस बात का पता लगाएंगी कि अभी भी फिक्सिंग का संचालन दाऊद कंपनी ही कर रही है या किसी दूसरे गिरोह ने उसकी जगह ले ली है। एजेंसियों को इस बात की खबर है कि दाऊद का भाई अनीस इब्राहिम क्रिकेट फिक्सिंग का धंधा संभालता है।
सूत्रों के मुताबिक भारत में अनीस का एक दलाल है जिसका कोड नाम मनोज मेट्रो है। मेट्रो के गिरोह के लोग कोच्चि के बुकी के संपर्क में थे।