आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली विधान सभा चुनाव में परंपरागत राजनीति करने वाली पार्टियों को सिखाए सबक ने क्रिकेटरों को भी रास्ता दिखा दिया है।
यह आप की सफलता का परिणाम है कि दिग्गज पूर्व टेस्ट क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी की अगुवाई में डीडीसीए पर राज कर रहे राजनीतिज्ञों को बाहर करने का क्रिकेटरों ने बीड़ा उठा लिया है।
बेदी ने लंबे समय की घुटन और चुप्पी को तोड़ डीडीसीए अध्यक्ष अरुण जेटली के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। इस मुहिम उनके साथ मदन लाल, मनिंदर सिंह, सुरिंदर खन्ना, गुरशरण सिंह जैसे क्रिकेटर साथ हो लिए हैं।
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डीडीसीए में घोटालों के सामने आने पर भारत सरकार की ओर से जांच बिठाए जाने के बावजूद अरुण जेटली को चुनौती देने की हिम्मत कोई क्रिकेटर नहीं उठा सका। भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने दबी जुबान में आवाज मुखर की पर काम नहीं चला।
लेकिन अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आप को मिली सफलता ने दिल्ली के क्रिकेटरों के दिमाग को हिला दिया। यह उसी का परिणाम है कि क्रिकेटर अब राजनीतिज्ञों को चुनौती देने जा रहे हैं।
बेदी ने अमर उजाला से कहा कि बहुत हो गया। अब चुप नहीं बैठा जा सकता है। 30 दिसंबर को होने वाले डीडीसीए चुनाव में वह जेटली के खिलाफ खड़े होंगे।
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दिल्ली विधान सभा चुनाव में आप की सफलता से प्रोत्साहित होने की बात पर बेदी मुस्कराते हुए कहते हैं, बस गुरू महाराज का हुक्म हुआ और उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया।
बेदी कहते हैं कि यह खेल क्रिकेटरों का है लेकिन डीडीसीए में क्रिकेटरों के फायदे की आड़ में घोटालों का खेल हो रहा है। हालांकि जेटली के खिलाफ चुनाव लड़ना आसान नहीं है। लेकिन पहल तो करनी ही होगी।
सुरिंदर खन्ना कहते हैं परिणाम कुछ भी हो लेकिन आम आदमी पार्टी की तरह वह भी डीडीसीए के घोटालों को सामने लाने में कसर नहीं छोड़ेंगे।