आज का दिन पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान के लिए बेहद खास है। 21 जुलाई 1947 को मेरठ में जन्में चेतन चौहान शनिवार को अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। क्रिकेट से राजनीति में प्रवेश करने वाले चेतन का पूरा नाम चेतेंद्र प्रताप सिंह चौहान है।
आइए चौहान के जन्मदिन पर आपसे उनके क्रिकेट करियर का एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हैं जब उन्होंने मैदान पर लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर का गुस्सा शांत करते हुए टीम इंडिया को बड़ी मुसीबत से बचाया था।
बात 1981 की है, जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई हुई थी। टीम की अगुवाई कर रहे थे उस दौर के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर। सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच मेलबर्न में जारी था। भारतीय टीम पहली पारी में 237 रन पर सिमट गई, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 419 रन बनाए।
182 रन से पिछड़ने के बाद भारत ने दूसरी पारी में 324 रन बनाए, लेकिन इसी दौरान जब सुनील गावस्कर 70 रन बना चुके थे तब अंपायर वाइटहैट ने उन्हे डेनिस लिली की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया।
गावस्कर ने इसका विरोध किया और पिच पर खड़े रहे। वहीं, डेनिस लिली ने उनके पास जाकर पैड की तरफ इशारा किया कि गेंद यहां लगी है। बस बात बहस में बदल गई। गावस्कर इतने गुस्से में थे कि वह दूसरे छोर पर खड़े चेतन चौहान का हाथ पकड़कर मैदान के बाहर जाने लगे।
इस दौरान चेतन चौहान गावस्कर को समझाते रहे। मगर वह किसी की सुनने को तैयार ही नहीं थे। बाद में चौहान ने इशारा कर टीम मैनेजमैंट की ओर किसी तरह इशार किया। तब मैनेजर रहे ग्रुप कैप्टन शाहिद अली खां दुर्रानी लगभग दौड़ते हुए बाउंड्री लाइन के पास पहुंचे और गावस्कर को लगभग धक्का देते हुए मैदान के अंदर किया।
अगर गावस्कर चेतन चौहान के साथ बाउंड्री लाइन पार कर जाते तो उन पर शायद पांच साल का प्रतिबंध लग जाता। इस बात को चेतन चौहान कई दफे सार्वजनिक मंच पर शेयर कर चुके हैं। हालांकि, भारत ने यह मैच 59 रन से जीता था। मैच में चेतन चौहान ने 85 रन की पारी खेली थी।