उन्होंने आगे कहा, 'बड़ौदा में बच्चे केन्या के खिलाड़ियों से ऑटोग्राफ लेना चाहते थे, लेकिन कोई भी खिलाड़ी उन्हें ऑटोग्राफ नहीं दे रहा था। अचानक, उन्होंने हार्दिक को देखा और सभी के बीच, उन्होंने हार्दिक को अकेले ऑटोग्राफ दिए, क्योंकि उन्हें लगा कि हार्दिक उनके देश से है। इस कारण उन्होंने इसे ऑटोग्राफ दिए।'