सार
भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनके अलावा जयदेव उनादकट, करुण नायर, पार्थिव पटेल, आशीष नेहरा, दिनेश कार्तिक और वरुण चक्रवर्ती भी लंबे अंतराल के बाद टीम इंडिया में लौट चुके हैं। इन खिलाड़ियों की वापसी की कहानी बताती है कि लगातार अच्छे प्रदर्शन, फिटनेस और सही मौके के दम पर राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह बनाई जा सकती है।
भारतीय क्रिकेट में टीम से बाहर होने के बाद दोबारा जगह बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। खराब फॉर्म, चोट और टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कई खिलाड़ियों को लंबे समय तक बाहर रहना पड़ा। हालांकि, कुछ क्रिकेटरों ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया में वापसी की। भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की है। वहीं, जयदेव उनादकट ने लगभग 12 साल, जबकि करुण नायर और पार्थिव पटेल ने आठ साल से अधिक के अंतराल के बाद भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाई थी। आइए जानते हैं उन खिलाड़ियों की कहानी, जिन्होंने लंबे इंतजार के बाद फिर से टीम इंडिया की जर्सी पहनी।
भुवनेश्वर कुमार
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भुवनेश्वर कुमार: करीब चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी
भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी इस समय चर्चा का विषय है। अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए मशहूर भुवनेश्वर ने भारत के लिए आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इसके बाद वह राष्ट्रीय टीम से बाहर हो गए थे।
करीब चार साल के अंतराल के बाद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में खेलने का मौका मिला। अर्शदीप सिंह के चोटिल होने के बाद भुवनेश्वर को भारतीय टीम में शामिल किया गया। भुवनेश्वर की वापसी इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। नई गेंद से स्विंग कराने और डेथ ओवरों में गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता टीम के लिए उपयोगी रही है। आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका मिला है। अब उनकी नजरें इस अवसर का फायदा उठाकर टीम में अपनी जगह मजबूत करने पर होंगी।
जयदेव उनादकट
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जयदेव उनादकट: 12 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी
लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले खिलाड़ियों की बात हो तो जयदेव उनादकट का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उनादकट ने दिसंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, इसके बाद उन्हें दोबारा टेस्ट मैच खेलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिला। इस तरह उन्होंने लगभग 12 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की। उनादकट की वापसी के पीछे घरेलू क्रिकेट में उनका लगातार प्रदर्शन अहम रहा। सौराष्ट्र की ओर से रणजी ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
केएल राहुल और करुण नायर
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करुण नायर: आठ साल बाद टेस्ट टीम में लौटे
करुण नायर भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बावजूद टीम में जगह बनाए रखने के लिए संघर्ष किया। दिसंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में नायर ने नाबाद 303 रन बनाए थे। वह टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने थे। हालांकि, मार्च 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट के बाद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में दोबारा मौका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने पर ध्यान दिया और इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट भी खेला। जून 2025 में उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में वापस बुलाया गया। इस तरह करीब आठ साल और तीन महीने के अंतराल के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से वापसी की।
पार्थिव पटेल
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पार्थिव पटेल: आठ साल से ज्यादा इंतजार के बाद लौटे
पार्थिव पटेल ने बेहद कम उम्र में भारतीय टीम के लिए पदार्पण किया था। हालांकि, विकेटकीपर के रूप में उन्हें टीम में जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपना पिछला टेस्ट मैच 2008 में खेला था। इसके बाद नवंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली टेस्ट में उन्हें दोबारा भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिला। इस तरह पार्थिव ने लगभग आठ साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की। वापसी के बाद उन्होंने पहली पारी में 42 रन और दूसरी पारी में नाबाद 67 रन बनाए। उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हुआ। पार्थिव की वापसी इस बात का उदाहरण है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत और मिले मौके का सही इस्तेमाल कर करियर को दोबारा पटरी पर लाया जा सकता है।
आशीष नेहरा
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आशीष नेहरा: पांच साल बाद वापसी कर टी20 विश्व कप में खेले
भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने अपने करियर में चोटों और फिटनेस की समस्याओं का सामना किया। 2011 विश्व कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के बाद उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ा। जनवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दौरान उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई। इस तरह उन्होंने करीब पांच साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। नेहरा की वापसी का सफर यहीं नहीं रुका। उन्होंने 2016 के टी20 विश्व कप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उस समय उनकी उम्र 36 साल से अधिक थी, लेकिन अनुभव और गेंदबाजी कौशल के दम पर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की।
दिनेश कार्तिक
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दिनेश कार्तिक: तीन साल से ज्यादा समय बाद वनडे टीम में वापसी
दिनेश कार्तिक का अंतरराष्ट्रीय करियर भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उन्हें भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए कई खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी। कार्तिक ने अपना पिछला वनडे मुकाबला 2014 में खेला था। जुलाई 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान उन्हें फिर मौका मिला। इस तरह उन्होंने तीन साल से अधिक के अंतराल के बाद वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। हालांकि, उनकी वापसी की शुरुआत बड़ी पारी से नहीं हुई, लेकिन बाद के वर्षों में उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित की। आईपीएल 2022 में शानदार प्रदर्शन के बाद कार्तिक ने भारतीय टी20 टीम में भी वापसी की और उसी साल टी20 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
वरुण चक्रवर्ती
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वरुण चक्रवर्ती: तीन साल बाद वापसी और पहली ही सीरीज में शानदार प्रदर्शन
मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने 2021 टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद वह टीम से बाहर हो गए और उन्हें दोबारा मौका मिलने के लिए करीब तीन साल इंतजार करना पड़ा। अक्तूबर 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई। ग्वालियर में खेले गए पहले मुकाबले में उन्होंने 31 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। वरुण ने अपनी वापसी को यादगार बनाते हुए साबित किया कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह बनाई जा सकती है।