पाकिस्तान
के खिलाफ मंगलवार को कैरियर के अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में
धमाकेदार गेंदबाजी कर सुर्खियों में आए टीम इंडिया के तेज गेंदबाज
भुवनेश्वर कुमार का सपना सचिन तेंदुलकर के साथ टेस्ट मैचों में खेलना है।
भुवनेश्वर ने पाकिस्तान के खिलाफ बंगलूरू में टी-20 मैच से अपने
अंतरराष्ट्रीय कैरियर का आगाज किया है।
22 वर्षीय भुवनेश्वर ने
कहा, ‘मुझे जब यह पता लगा कि सचिन ने वन-डे से संन्यास ले लिया है तो मैं
गहरी निराशा में डूब गया था। उस समय मुझे लगा कि मेरे पास से क्रिकेट के
भगवान के साथ खेलने का मौका ही निकल गया है। लेकिन मुझे खुशी है कि सचिन
अभी टेस्ट खेलना जारी रखेंगे और मुझे उनके साथ खेलने का मौका मिल सकता है।’
अपनी
स्विंग गेंदबाजी से पाकिस्तान को शुरुआत में दहलाने वाले भुवनेश्वर ने कहा
कि स्विंग उनका मुख्य हथियार है और वह अपने शहर के ही मध्यम तेज गेंदबाज
प्रवीण कुमार को अपना आदर्श मानते हैं। अपने पदार्पण मैच के लिए भुवनेश्वर
ने कहा, ‘मुझे बताया गया था कि मुझे मौका मिल सकता है। विकेट देखने के बाद
टीम प्रबंधन ने मुझे खेलाने का फैसला किया। मैं खुश भी था और नर्वस भी।
खासतौर
पर मैं इस बात को लेकर ज्यादा नर्वस था कि मैं अपना पहला मैच पाकिस्तान के
खिलाफ खेल रहा हूं। लेकिन, मैदान पर उतरने के बाद मेरे लिए सब कुछ सामान्य
हो गया। मेरी शुरुआत अच्छी रही। नाजुक मौकों पर मैंने छह रन बनाए। नौ रन
पर तीन विकेट लिए और एक कैच भी लपका। यह परफेक्ट शुरुआत होती यदि हम जीत
जाते। मैंने इस मैच में वही किया जो मैं घरेलू क्रिकेट में करता आ रहा
हूं।’
भुवनेश्वर ने साथ ही कहा कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ
बातचीत से भी उनका इस महत्वपूर्ण मैच से पहले आत्मविश्वास मजबूत हुआ। धोनी
ने उनसे कहा कि भारत के लिए खेलना एक बड़ी बात है लेकिन उन्हें यह मानकर
मैदान में उतरना होगा कि यह सिर्फ एक मैच है।
बेहतरीन आलराउंडर साबित होंगे भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
ने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम ही रखा है लेकिन क्रिकेट का ककहरा
सिखाने वाले उनके कोच को पूरा विश्वास है वह जल्द ही एक बेहतरीन आलराउंडर
साबित होंगे। भुवनेश्वर के कोच रस्तोगी ने कहा, ‘घरेलू क्रिकेट में किए गए
प्रदर्शन अपने आप भुवनेश्वर के बारे में सब कुछ कह देता है। वह एक बेहतरीन
आलराउंडर है और हमारी एकेडमी टीम के लिए ओपनिंग भी करता है। अब उसके पास
वेंकटेश प्रसाद जैसे दुनिया के बेहतरीन कोच हैं जो निश्चित रूप से उसे एक
बेहतरीन आलराउंडर बनाने में मदद करेंगे।’
भुवनेश्वर मानसिक रूप से
मजबूत खिलाड़ी है। उसकी लाइन और लेंथ बहुत सटीक है। पिछले पांच वर्षों से
वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा कर रहा है।
ज्ञानेंद्र पांडे, पूर्व रणजी खिलाड़ी