बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी ने टीम इंडिया रवि शास्त्री को टीम इंडिया का नया कोच नियुक्त करने का साथ-साथ जहीर खान को गेंदबाजी कोच और राहुल द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार नियुक्त किया है। लेकिन बोर्ड के इस निर्णय से शास्त्री खुश नहीं हैं और वह इसमें कुछ सुधार चाहते हैं। शास्त्री ने बोर्ड के सामने एक नई शर्त रख दी है।
शास्त्री चाहते हैं कि टीम इंडिया के वर्तमान बॉलिंग कोच भरत अरुण अपने पद पर बने रहें। उनका मानना है कि भरत फुल टाइम कोच के रूप में काम करते रहें और टीम में जहीर खान के सहयोगी की भूमिका अदा करें। शास्त्री का मानना है कि टीम की गेंदबाजी में सुधार के लिए जहीर जो योजनाएं बनाएं उस ब्लू प्रिंट को इंम्पलीमेंट करने में मुख्य भूमिका अदा करें।
ये स्थिति जहीर खान की बतौर कोच उपलब्धता के कारण बनी है। जहीर खान ने बीसीसीआई के सामने यह बात पूरी तरह स्पष्ट कर दी है कि वो बतौर बॉलिंग कोच टीम के साथ 100 दिन से ज्यादा नहीं जुड़े रहना चाहते हैं। जहीर खान और बोर्ड के बीच अभी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं उनके साथ बातचीत जारी है।
रवि शास्त्री जहीर खान का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन उनका मानना है कि एक फुट टाइम बॉलिंग कोच की जरूरत है। जहीर को गेंदबाजों के लिए रोडमैप तैयार करने दें इस रोड मैप को इम्पलीमेंट करने में अरुण की भूमिका अहम होगी। इस बात की पूरी संभावना है कि रवि शास्त्री शनिवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासनिक समिति के से बात कर अपना पक्ष रखें।
ऐसे भी बीसीसीआई ने पहले से व्यंकटेश प्रसाद का नाम स्टैंडबाई के रूप में रखा है। व्यंकटेश प्रसाद की एक ही कमी है कि उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में युवा तेज गेंदबाजों को मध्यम और धीमी गति के गेंदबाजों में तब्दील कर दिया था।