विकेटकीपिंग के दिग्गजों में एमएस धोनी का नाम सबसे अलग और सबसे चमकदार है। 2004 में डेब्यू करने के बाद धोनी ने 2019 वर्ल्ड कप तक अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीनों प्रारूपों को मिलाकर विकेट के पीछे 829 शिकार किए। इनमें 634 कैच और 195 स्टंपिंग शामिल हैं। धोनी की गिनती ऐसे विकेटकीपर्स में होती है जो सिर्फ गेंद पकड़ने तक सीमित नहीं थे, बल्कि कई बार विकेट के पीछे से गेम का पासा पलट देते थे। यही वजह है कि उन्हें 'वॉल बिहाइंड द स्टंप्स' (विकेट के पीछे दीवार) कहा गया।
हालांकि, धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेट के पीछे सबसे ज्यादा शिकार करने वालों में तीसरे स्थान पर हैं। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर मार्क बाउचर सबसे ऊपर हैं। उन्होंने 467 मैचों में 952 कैच और 46 स्टंपिंग मिलाकर कुल 998 शिकार किए। ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर बल्लेबबाज एडम गिलक्रिस्ट भी विकेटकीपिंग में एक बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने 396 मैचों में 813 कैच और 92 स्टंपिंग के साथ 905 शिकार किए। वह लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।
वहीं, श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर कुमार संगकारा अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग में भी शानदार रहे। उन्होंने 594 मैचों में विकेट के पीछे से 678 शिकार किए, जिनमें 539 कैच और 139 स्टंपिंग शामिल हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया के इयान हीली ने 287 मैचों में 628 शिकार किए। इनमें 560 कैच और 298 स्टंपिंग शामिल हैं।
हालांकि, धोनी इन सबसे स्टंपिंग के मामले में बेहतर रहे हैं। धोनी ने तीनों प्रारूपों को मिलाकर 195 स्टंपिंग कीं, जो कि सबसे ज्यादा हैं। बिजली की तेजी से स्टंपिंग करना, उनके बाएं हाथ का खेल था। ये पांचों खिलाड़ी अपने-अपने समय के बेस्ट विकेटकीपर रहे हैं। आज भी क्रिकेट फैंस इनकी विकेटकीपिंग स्किल्स को याद करते हैं और मानते हैं कि विकेट के पीछे इनकी मौजूदगी से गेंदबाजों को बड़ी राहत मिलती थी।
दुनिया के 5 सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर
| खिलाड़ी (देश) |
मैच |
कैच |
स्टंपिंग |
कुल शिकार |
| मार्क बाउचर (द. अफ्रीका) |
467 |
952 |
46 |
998 |
| एडम गिलक्रिस्ट (ऑस्ट्रेलिया) |
396 |
813 |
92 |
905 |
| एमएस धोनी (भारत) |
538 |
634 |
195 |
829 |
| कुमार संगकारा (श्रीलंका) |
594 |
539 |
139 |
678 |
| इयान हीली (ऑस्ट्रेलिया) |
287 |
560 |
68 |
628 |