भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी 360 दिन के करीब प्रतिस्पर्धी मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरे। मध्य प्रदेश और बंगाल के बीच बुधवार से रणजी ट्ऱफी का ग्रुप सी मुकाबला शुरू हुआ। बंगाल के लिए खेलने वाले शमी एक वर्ष बाद मैदान पर वापसी कर रहे थे, लेकिन शुरुआती दिन वह विकेट नहीं ले सके। मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने पहले दिन 10 ओवर फेंके और 34 रन दिए। शमी ने एक मेडन फेंका और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
शमी आखिरी बार विश्व कप फाइनल में खेले थे
शमी पिछले साल भारत में खेले गए वनडे विश्व कप के फाइनल के बाद पहली बार मैदान पर उतरे थे। शमी विश्व कप के दौरान चोटिल हो गए थे और उन्हें इस साल के शुरुआत में टखने की सर्जरी करानी पड़ी थी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही थी। माना जा रहा था कि शमी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 नवंबर से होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम में जगह बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद बंगाल ने उन्हें मध्य प्रदेश के खिलाफ मुकाबले के लिए टीम में शामिल किया।
मध्य प्रदेश ने बंगाल को 228 रन पर समेटा
इससे पहले मध्य प्रदेश ने आर्यन पांडे (4/47) और कुलवंत खजरोलिया (4/84) की घातक गेंदबाजी की बदौलत बंगाल को 228 रन पर समेट दिया। शमी बल्ले से भी कुछ नहीं कर पाए और उन्होंने दो रन बनाए। मध्य प्रदेश ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 103 रन बना लिए थे। शुभ्रांशु सेनापति 44 और रजत पाटीदार 41 रन पर खेल रहे थे।
इस रणजी मुकाबले में सारी निगाहें शमी पर थीं, लेकिन वह लय में गेंदबाजी करते नहीं दिखे। पहले चार ओवर में उन्होंने 16 रन दिए और तीन चौके खाए। बाद के स्पैल में जरूर उन्होंने छह ओवर में 18 रन दिए। वह अपने भाई मोहम्मद कैफ के साथ पहली बार खेले। बंगाल के लिए एकमात्र विकेट भी कैफ ने लिया। इससे पहले होल्कर स्टेडियम के घास भरे विकेट पर मध्य प्रदेश ने बंगाल के 79 रन पर पांच विकेट गिरा दिए। 92 रन बनाने वाले शाहबाज अहमद और कप्तान अनुस्तूप मजूमदार (44) ने 96 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। संन्यास की घोषणा कर चुके ऋद्धिमान साहा ने 10 रन बनाए।