सार
बेन स्टोक्स फरवरी में एक खतरनाक हादसे में गंभीर चेहरे की चोट का शिकार हुए थे, जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई और अब वे रिकवरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुभव बेहद डरावना था, लेकिन खुद को खुशकिस्मत मानते हुए अब वह जल्द ही मैदान पर वापसी की तैयारी में जुटे हैं।
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने फरवरी में लगी गंभीर चेहरे की चोट के बाद अपने जिंदा बचने पर कृतज्ञता जताई है। डरहम में अपने काउंटी क्लब के युवा खिलाड़ियों को कोचिंग देते समय हुए इस हादसे में स्टोक्स के गाल की हड्डी (चीकबोन) फ्रैक्चर हो गई थी और उन्हें कई तरह की चेहरे की चोटें आई थीं। इसके बाद उनकी सर्जरी हुई और फिलहाल वे रिकवरी कर रहे हैं।
स्टोक्स ने सुनाई आपबीती
स्टोक्स अगले महीने काउंटी चैंपियनशिप के कुछ मैच खेलने की योजना बना रहे हैं, ताकि जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले अपनी तैयारी पूरी कर सकें। ईसीबी को दिए एक इंटरव्यू में स्टोक्स ने कहा कि हालात इससे कहीं ज्यादा खराब हो सकते थे और वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि वह इस हादसे से बच गए। उन्होंने कहा, 'यह काफी बुरा था, लेकिन अजीब बात है कि इतनी खराब स्थिति में भी शायद यह सबसे बेहतर नतीजा रहा। गेंद सीधे मेरे चेहरे पर लगी। अगर कुछ इंच इधर-उधर होता, तो शायद मैं आज यह इंटरव्यू देने के लिए यहां नहीं होता।'
'शुक्र है, मैं अभी जिंदा हूं'
स्टोक्स ने आगे कहा कि सर्जरी के बावजूद वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'हालात को देखते हुए, मुझे काफी बड़ी फेसियल सर्जरी करानी पड़ी क्योंकि यहां (गाल की हड्डी) काफी नुकसान हुआ था। लेकिन मैं फिर भी खुद को खुशकिस्मत मानता हूं और इसके लिए आभारी हूं।' इस चोट की वजह से उनकी तैयारियों में लगभग एक महीने की देरी हो गई। उन्होंने कहा, 'इससे मेरी योजनाएं लगभग एक महीने पीछे चली गईं। मुझे फिर से शुरुआत करनी पड़ी और एक नया प्लान बनाना पड़ा, ताकि टेस्ट सीजन से पहले डरहम के लिए कुछ मैच खेल सकूं।' स्टोक्स ने इस अनुभव को बेहद डरावना बताया। उन्होंने कहा, 'अब मैं उस दौर के आखिर में हूं, लेकिन वह स्थिति काफी डराने वाली थी। शुक्र है, मैं अभी जिंदा हूं और सब कुछ ठीक है।'