भारत का अगामी चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेना संदिग्ध है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) अब भी बीसीसीआई को नए राजस्व मॉडल के हिसाब से मूल हिस्सेदारी से 100 मिलियन डॉलर अधिक देने को तैयार है। दुबई में मौजूद बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आईसीसी ने 390 मिलियन डॉलर की अपनी पेशकश को अभी रद्द नहीं किया है जो 293 मिलियन डॉलर की मूल राशि से लगभग 100 मिलियन डॉलर अधिक है।
आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर की इस पेशकश को पहले बीसीसीआई ने ठुकरा दिया था। बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने उनसे (आईसीसी) कहा है कि हम उनका प्रस्ताव बीसीसीआई एसजीएम में रखेंगे। फिर आपको जवाब देंगे।’ आईसीसी अधिकारियों ने यहां तक कहा कि अगर हम 390 मिलियन डॉलर की राशि लेने पर सहमत हो जाते हैं , तो फिर मई में बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी दी जाएगी। लेकिन दुबई में मौजूद रहे कुछ अन्य अधिकारियों का मानना है कि अंतिम पेशकश 450 मिलियन डॉलर होनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक ऐसी संभावना है कि बीसीसीआई के मतदान का अधिकार रखने वाले 30 सदस्य आगामी एसजीएम में चैंपियंस ट्रॉफी से हटने पर सहमत हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "अभी चैंपियंस ट्रॉफी से हटना विकल्प है। बीच का रास्ता यह है कि अगर वे 450 मिलियन डॉलर तक पहुंचने के लिए तैयार हो जाते हैं, क्यसोंकि वे शुरू में 390 मिलियन डॉलर भुगतान करने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा शासन के ढांचे में बदलाव नहीं होना चाहिए।"