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तो कहीं BCCI से अपनी पिछली भड़ास तो नहीं निकाल रही पीसीबी?

Fri, 11 Mar 2016 12:26 PM IST
सुरेंद्र कुमार वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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एशिया कप में आखिरी बार 27 फरवरी को भिड़ी थीं दोनों टीमें - फोटो : pti
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पहले मैच स्थल में बदलाव, और अब अपनी टीम भेजने में देरी करना। पाकिस्तान के सामने भारत और बीसीसीआई से पिछली घटनाओं का बदला लेने का इससे अच्छा मौका शायद नहीं हो सकता था।
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टी-20 वर्ल्ड कप में अब जब भारत और पाक के बीच मैच शुरू होने में 10 दिन से भी कम का समय रह गया है, लेकिन दोनों पड़ोसी देशों के बोर्डों के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।

कई राजनीतिक दलों और ग्रुप की ओर से दी गई धमकियों के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के लगातार दबाव के कारण 19 मार्च को धर्मशाला में खेले जाने वाले भारत और पाक के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबले का स्थल शिफ्ट करते हुए कोलकाता कर दिया गया।
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पहले पाक टीम ने सुरक्षा कारणों से आईसीसी और आयोजकों पर मैच स्थल को बदलने की मांग की थी। अब स्थल बदलने के बाद भी पीसीबी ने न ही आईसीसी और न ही बीसीसीआई को यह आश्वासन दिया है कि वह अपनी टीम भारत कब भेज रहे हैं? सच्चाई यह है कि पीसीबी ने तीसरी बार अपनी टीमों (पुरुष और महिला टीम) को टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत भेजने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। उसने भारत सरकार, आईसीसी और बीसीसीआई से वर्ल्ड कप में खेलने के दौरान उनकी टीम को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन मांगा, जो उन्हें अब तक नहीं मिला है।

अब टी-20 वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है, टीमें भारत आने लगी हैं और उन्होंने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं लेकिन भारत के पड़ोस में बसे पाक ने अपनी टीम अब तक नहीं भेजी। अब यह सवाल उठता है कि क्या वाकई में पीसीबी ने जो कुछ किया वो सही था, उसकी टीम के लिए भारत में सच में असुरक्षा का कोई माहौल है? जानते हैं कि आखिरकार इन सबके पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
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पिछले संबंधों का बदला ले रहा पाक बोर्ड?

- फोटो : pti
देखा जाए तो भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ महीनों में रिश्ते मधुर नहीं रहे हैं। आईसीसी टूर प्रोग्राम के तहत टीम इंडिया को पाक के साथ द्वीपक्षीय क्रिकेट सीरीज खेलनी है जो अटकी पड़ी है। पाक ने भारत के साथ सीरीज खेलने के लिए बीसीसीआई के साथ काफी प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

बात अक्टूबर की है जब दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के शीर्ष अधिकारी दुबई में आपस में मिलने वाले थे, लेकिन इस बीच मुंबई में बीसीसीआई ऑफिस में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने इस द्विपक्षीय सीरीज के विरोध में जबर्दस्त प्रदर्शन कर डाला। इस प्रदर्शन के बाद से ही बीसीसीआई पाक के साथ सीरीज के बारे में खुलकर बोलने से बचती रही।

पीसीबी चीफ शहरयार खान को खाली हाथ लौटना पड़ा। इसके बाद भी पाक ने कई बार इस बात की घोषणा की कि दोनों टीमों के बीच सीरीज को लेकर हरी झंडी मिल गई है, लेकिन बीसीसीआई ने कभी भी खुलकर कुछ नहीं कहा और सीरीज नहीं हुई। वहीं, भारत सरकार ने भी इस सीरीज के लिए उदासिनता दिखाई। दूसरी ओर, पीसीबी को सीरीज के लिए उतावलापन दिखाने के लिए उनके अपने देश में कई पार्टियों और पूर्व खिलाड़ियों के विरोध का सामना करना पड़ा। एक बार तो पीसीबी प्रमुख शहरयार खान बीसीसीआई प्रमुख शशांक मनोहर से मिलने भारत आए, लेकिन उनके भारतीय समकक्ष ने उनसे मुलाकात ही नहीं की।

साथ ही दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार तनाव बनते रहे हैं। पाक की ओर से कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया, साथ ही वहां से कई आतंकवादियों ने भारतीय सीमा में आकर माहौल को अशांत बनाया। भारत में पाक के साथ मैच खेलने को लेकर लगातार नकारात्मक माहौल बना और हर ओर विरोध प्रदर्शन हुए। इस बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि उनकी सरकार इस बड़े मैच के लिए सुरक्षा देने की गारंटी नहीं दे सकती है।

क्रिकेट के अलावा गायक गुलाम अली और आतिफ असलम के कार्यक्रम जो भारत में होने थे उनका बड़े स्तर पर विरोध हुआ। कुछ अन्य ऐसी भी घटनाएं हुईं जिसने पाक टीम के सामने असुरक्षा का माहौल बनाया लेकिन आईसीसी और बीसीसीआई ने सुरक्षा की गारंटी दी जिसे पाक ने नहीं माना। 

फिलहाल, द्विपक्षीय सीरीज के बारे में कुछ भी तय न होना और शहरयार के साथ शशांक का मुलाकात नहीं करना दो ऐसे बड़े मामले हैं जिनसे पीसीबी बेहद खफा नजर आती है। पहले मैच स्थल बदलवाने और फिर अपनी टीम भेजने में देरी करने के पीछे शायद यही मंशा दिखती है कि पाक बोर्ड अब अपनी खुन्नस निकाल रहा है।

पिछले कुछ महीनों में बीसीसीआई की ओर से पीसीबी को जो किरकरी उठानी पड़ी है उससे उनकी छवि काफी गिरी है और अब जब भारत वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है तो उसके सामने यह शानदार मौका है कि मेजबान देश को सुरक्षा के नाम पर परेशान करे और मैच स्थल बदलवाने के बाद अपनी टीम को देरी से भेजकर अपना पिछला हिसाब चुकता करे। वह जानता है कि भारत में सुरक्षा को लेकर वह जितना विवाद करेगा भारत की छवि उतनी ही गिरेगी।

अब नए मैच स्थल का घोषणा होने के बाद भी पाक ने अपनी टीम को अब तक भारत नहीं भेजा है। फिलहाल माना जा रहा है कि पाक की क्रिकेट टीम शुक्रवार को दुबई के रास्ते भारत आ सकती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि वर्ल्ड कप के खत्म होने के बाद दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों के बीच रिश्तों में तल्खी नहीं दिखेगी और रिश्ते सामान्य बने रहेंगे।
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