इस मामले पर विवाद बढ़ता देख बीसीसीआई के उपाध्यक्ष शुक्ला ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने एक्स पर लिखा, यशस्वी साफ नॉटआउट थे। थर्ड अंपायर को यह देखना चाहिए था कि तकनीक किस तरह इशारा कर रही है। मैदानी अंपायर का नतीजा पलटने से पहले मजबूत तथ्य देने चाहिए।
रोहित ने मामले को नहीं दिया तूल
हालांकि, भारतीय कप्तान रोहित की राय इस मामले में बीसीसीआई उपाध्यक्ष से अलग थी। रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मुझे नहीं पता कि इसका क्या मतलब निकाला जाए क्योंकि तकनीक ने कुछ भी नहीं दिखाया, लेकिन आंखों से ऐसा लग रहा था गेंद उसे छूकर निकली है। मुझे नहीं पता कि अंपायर तकनीक का उपयोग कैसे करना चाहते हैं, लेकिन पूरी निष्पक्षता से मुझे लगता है कि उन्होंने गेंद को छुआ था। यह उस तकनीक के बारे में है जिसके बारे में हम सभी जानते हैं कि वह 100 प्रतिशत नहीं है, लेकिन फिर भी हम वास्तव में उस पर बहुत अधिक गौर नहीं करना चाहते हैं। यह सिर्फ इतना है कि हमें अक्सर इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। ऐसा लगातार हो रहा है, इसलिए हम थोड़े दुर्भाग्यशाली रहे हैं।