भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की नजरें भारत ए टीमों के दौरों को आसान बनाने पर टिकी हुई है। बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों ने बंगलूरू स्थित उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के कामकाज का जायजा लिया और भारत ए तथा भारत अंडर 19 टीमों के दौरों को भविष्य में आसान बनाने पर भी बात की। बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने यह जानकारी दी।
सीओई के कामकाज की समीक्षा की
सीओई अप्रैल से शुरू हो गया है लेकिन कई प्रमुख तकनीकी पद रिक्त पड़े हैं। इसमें शिक्षा और खेल विज्ञान प्रमुख का पद शामिल है। मुंबई में हुई बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सीओई क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण मौजूद थे। सैकिया ने कहा, हमने सीओई में रिक्त पदों पर बात की और जल्दी ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया। दुनिया भर में तकनीकी स्टाफ की कमी है लेकिन हम जल्दी से जल्दी इन पदों पर नियुक्तियां करेंगे।
सीओई की तैयारियों और कामकाज की समीक्षा का भी यह सही समय था। वहां तीन मैदानों पर मैच हो रहे हैं जिसमें विजय हजारे ट्रॉफी के मैच शामिल है। हमने यह भी बात की कि आगे ए टीमों के दौरों का कार्यक्रम कैसा होना चाहिए। कई बार ए टीम और सीनियर टीम एक ही समय पर साथ में दौरे पर होती हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसा नहीं हो। ए टीमों का दौरा भविष्य के क्रिकेटरों के लिए जरूरी है।
बांग्लादेश को लेकर नहीं हुई बात
बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप में उसके मैच भारत से बाहर कराने का आईसीसी से अनुरोध किया है लेकिन सैकिया ने बताया कि इस बारे में कोई बात नहीं हुई। उन्होंने कहा, यह बैठक सीओई और अन्य क्रिकेट मसलों पर थी। उस मुद्दे पर बात करना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है चूंकि टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी पर अंतिम फैसला आईसीसी को लेना है।