सूत्रों के मुताबिक बोर्ड से जुड़े सभी राज्यों को दिल्ली में जुड़ने को कहा गया है, जहां उनकी वकील कपिल सिब्बल के साथ बैठक होगी। इस बैठक में राज्यों के चुनाव के खिलाफ अदालत की शरण लेने का रास्ता निकाला जाएगा। सूत्र बताते हैं कि कई राज्यों को चुनाव के लिए अपने यहां इलेक्टोरल ऑफिसर नियुक्त करने पर आपित्त है। राज्यों को चुनाव के लिए एक जुलाई तक इलेक्टोरल ऑफिसर की नियुक्ति करनी थी, लेकिन कुछ ही ऐसे हैं जिन्होंने ऐसा किया है। राज्यों का कहना है कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के अनुसार बीसीसीआई चुनाव के लिए इलेक्टरोल ऑफिसर नियुक्त करना ठीक है, लेकिन राज्यों के लिए यह फिट नहीं बैठता है। डीडीसीए का उदाहरण देते हुए बताया जा रहा है कि जिन राज्यों का कार्यकाल अभी बाकी पड़ा है तो उन्होंने दोबारा से चुनाव कराने की क्या जरूरत है। डीडीसीए में अभी लंबा कार्यकाल बचा है। इन्हीं मुद्दों पर सिब्बल के समक्ष चर्चा की जाएगी।
सीओए के आदेश के मुताबिक 14 सितंबर तक राज्यों को चुनाव कराने हैं और 23 सिंतबर तक चुने गए प्रतिनिधि का नाम भेजना है। जिन्हें छानबीन के बाद राज्यों की ओर से 22 अक्तूबर को को होने वाले बीसीसीआई के चुनाव में वोट डालने का अधिकार होगा।