कई गुटों में बंटे बीसीसीआई के पदाधिकारी सोमवार को लंबे समय बाद एकजुट हुए। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) की ओर से जारी किए गए चुनाव के फरमान पर रणनीति बनाने के लिए 20 से अधिक राज्यों के पदाधिकारियों ने बैठक की, जिसमें फैसला लिया गया कि आठ अगस्त को अदालत के समक्ष लंबित पड़े कुछ मुद्दों पर फैसला सुनाने की गुहार लगाई जाएगी। अदालत का जो भी फैसला आएगा उसके अनुसार चुनाव कराए जाएंगे।
बैठक में यूपी से राजीव शुक्ला, गुजरात की ओर से जयेश शाह, सौराष्ट्र के निरंजन शाह, कर्नाटक के बृजेश पटेल, हरियाणा के अनिरुद्ध चौधरी, बंगाल से अभिषेक डालमिया के अलावा मुंबई, महाराष्ट्र, पंजाब, तीन उत्तर पूर्व राज्य, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के अलावा कुछ अन्य राज्य शामिल हुए। तमिलनाडु से कोई नहीं आया, लेकिन एन श्रीनिवासन फोन के जरिए जुड़े।
अभी नहीं कराएंगे राज्यों के चुनाव
बैठक में कहा गया कि सीओए को राज्यों में चुनाव कराने के लिए आदेश देने का अधिकार नहीं है। फिर राज्यों की ओर से लोढ़ा कमेटी की सभी सिफारिशों को माना जा चुका है। जो सिफारिशें नहीं मानी गई हैं। उन पर अदालत को फैसला लेना है। इनमें आयु सीमा, कूलिंग ऑफ पीरियड, एसोसिएशन राइट्स जैसे मुद्दे शामिल हैं। अदालत के समक्ष यही पक्ष रखा जाएगा कि इन मुद्दों पर फैसला सुना दिया जाए। अदालत का जो भी फैसला होगा उसके अनुसार चुनाव करा लिए जाएंगे।