भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से संजू सैमसन को बाहर रखने पर सख्त नाराजगी जताई है। श्रीकांत ने कहा कि चयनकर्ताओं ने एक बार फिर सैमसन के साथ अन्याय किया है, जबकि उन्होंने अपने पिछले वनडे मैच में शानदार शतक लगाया था।
उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'फिर वही पुरानी कहानी! संजू के साथ बहुत अन्याय हुआ है। उसने अपने आखिरी वनडे में शतक बनाया था, फिर भी उसे टीम में जगह नहीं दी गई। आप किसी खिलाड़ी से इतना खेलते हैं, फिर उसे अचानक बाहर कर देते हैं। यह ठीक नहीं है।' सैमसन ने वनडे में अब तक 14 पारियों में 56.7 की औसत से 510 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 99.6 का रहा है। इनमें तीन अर्धशतक और एक शतक शामिल हैं। 108 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा है।
'ध्रुव जुरेल टीम में आए कैसे?'
श्रीकांत ने चयन समिति से यह भी सवाल किया कि ध्रुव जुरेल को अचानक टीम में कैसे शामिल कर लिया गया, जबकि उनके पास वनडे अनुभव बहुत कम है। उन्होंने कहा, 'एक दिन आप संजू को नंबर पांच पर खिलाते हैं, फिर कभी उसे ओपनिंग पर भेजते हैं, और कभी सात या आठ पर। और अब अचानक ध्रुव जुरेल टीम में आ गए? कम से कम सैमसन को पहला मौका तो मिलना चाहिए था।' पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि केएल राहुल को बतौर मुख्य विकेटकीपर शामिल करना ठीक है, लेकिन सैमसन को बैकअप विकल्प के रूप में रखना चाहिए था।
'बार-बार बदलाव से खिलाड़ी कंफ्यूज हो रहे'
श्रीकांत ने चयनकर्ताओं की लगातार टीम में बदलाव करने की नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास टूटता है। उन्होंने कहा, 'इतने लगातार बदलाव से खिलाड़ी खुद भी कंफ्यूज हो जाते हैं। कभी यशस्वी जायसवाल को टीम में रखा जाता है, फिर अगले दिन हटा दिया जाता है। इस तरह की ‘चॉपिंग एंड चेंजिंग’ से खिलाड़ियों का भरोसा टूटता है और उनकी लय पर असर पड़ता है।'
सैमसन के समर्थन में बढ़ी आवाज
संजू सैमसन को टीम से बाहर किए जाने के बाद, सोशल मीडिया पर भी फैन्स और क्रिकेट विशेषज्ञों ने बीसीसीआई पर सवाल उठाए हैं। श्रीकांत का बयान इस बहस को और तेज करता है, जिसमें कई दिग्गज मानते हैं कि सैमसन को कम मौके देकर नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि उन्होंने हर बार सीमित अवसरों में अच्छा प्रदर्शन किया है।