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BCCI: विदेश दौरे पर परिवार के साथ यात्रा के नियम में होगा बदलाव? बीसीसीआई सचिव ने कोहली की मांग पर दिया अपडेट

Wed, 19 Mar 2025 04:20 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भारत को मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने नए नीतियां बनाई थी। इसके तहत 45 दिन के दौरे के दौरान खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य अधिकतम दो सप्ताह तक ही साथ रह सकते हैं।
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विराट-रोहित परिवार के साथ - फोटो : PTI
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विस्तार
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ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की 1-3 से करारी शिकस्त के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों के परिवार के साथ यात्रा करने के लिए नए नियम बनाए थे। इन नीतियों पर हाल ही में दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहाथा कि जब खिलाड़ी दौरे के दौरान खराब दौर से गुजर रहा होता है तो उस वक्त परिवार के सदस्य की भूमिका अहम हो जाती है। अब इस मुद्दे पर बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया का बयान आया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि दौरे के दौरान खिलाड़ियों के परिवार के साथ यात्रा करने को लेकर बनाए गए नियम में कोई बदलाव नहीं होगा। 
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विराट और रोहित परिवार के साथ - फोटो : PTI
बीसीसीआई ने बनाई थी नई नीति 
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भारत को मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने नए नीतियां बनाई थी। इसके तहत 45 दिन के दौरे के दौरान खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य अधिकतम दो सप्ताह तक ही साथ रह सकते हैं। इससे कम अवधि के दौरे पर खिलाड़ी अधिकतम एक सप्ताह तक ही अपना परिवार साथ में रख सकते हैं।

रवींद्र जडेजा परिवार के साथ - फोटो : PTI
कोहली ने की थी इस नियम पर चर्चा
बीसीसीआई के इस नियम पर बात करते हुए स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने आरसीबी के कार्यक्रम के दौरान कहा था कि, लोगों को यह समझाना बहुत कठिन है कि जब भी बाहर हो और आपके साथ कुछ अच्छा नहीं हो रहा है तो उस वक्त परिवार का साथ रहना कितना जरूरी है। मुझे नहीं लगता कि लोगों को इस बात की समझ है कि यह किस हद तक प्रभाव डालता है।

उन्होंने कहा, मैं इस बात से काफी निराश महसूस करता हूं क्योंकि ऐसा लगता है कि ऐसे लोगों का जिनका खिलाड़ियों के साथ क्या हो रहा है उनसे कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें बीच में लाया जाता है और सबसे आगे रखा जाता है। उन्हें इन चीजों से दूर रखा जाना चाहिए। अगर आप किसी खिलाड़ी से पूछेंगे कि क्या हर समय आप अपने परिवार को आसपास रखना चाहते हैं? आपको जवाब मिलेगा हां, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि कमरे में अकेले बैठकर उदास रहूं। मैं सामान्य तरीके से रहना चाहता हूं। तब आप वास्तव में अपने खेल को एक जिम्मेदारी के रूप में ले सकते हैं। आप उस जिम्मेदारी को पूरा करते हैं। 

'नहीं बदलेगी नीति'
कोहली के इस बयान पर बात करते हुए बीसीसीई सचिव देवजीत सैकिया ने क्रिकबज से कहा, इस समय मौजूदा नीति बरकरार रहेगी। क्योंकि यह राष्ट्र और हमारी संस्था बीसीसीआई दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बीसीसीआई मानता है कि कुछ असंतोष या अलग-अलग राय हो सकती है, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। नीति सभी टीम सदस्यों - खिलाड़ियों, कोचों, प्रबंधकों, सहायक कर्मचारियों और इसमें शामिल सभी लोगों पर समान रूप से लागू होती है - और इसे सभी के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। 

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